जूतम-पैजार तक पहुंचे झगड़े को मीडिया की उपज बताकर शांति धारीवाल ने मांगा 25 सांसदों से इस्तीफा

गहलोत मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान शांति धारीवाल और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच की तकरार को मीडिया की उपज बताते हुए धारीवाल ने कहा कि ऐसी खबरें मीडिया में मनोरंजन के लिए, मोदी सरकार पर लगाए आरोप- विदेशों में छवि चमकाने के लिए वैक्सीन को बाहर भेज दी, विदेश मंत्री को भीख का कटोरा लेकर भेजा अमेरिका

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शांति धारीवाल ने मांगा 25 सांसदों से इस्तीफा
शांति धारीवाल ने मांगा 25 सांसदों से इस्तीफा
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Politalks.News/Rajasthan. हाल ही गहलोत मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान जूतम-पैजार तक पहुंची नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच की तकरार को मीडिया की उपज बताते हुए कोटा पहुंचे धारीवाल ने कहा कि ऐसी खबरें मीडिया में मनोरंजन के लिए हैं. मेरे और डोटासरा के बीच अच्छी मित्रता है. धारीवाल ने कहा कि घर के सदस्यों में आपसी सहमति-असहमति हो सकती है. यही नहीं इस लड़ाई को सिरे से नकारते हुए धारीवाल ने वैक्सीन के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को जमकर घेरा और प्रदेश के 25 सांसदों से इस्तीफे की मांग कर डाली.

कोटा में मीडिया से बात करते हुए संसदीय कार्यमंत्री मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि कोटा में ब्लैक फंगस से 14 मौतें हुई है. केवल शनिवार को ही 4 ने दम तोड़ा है. इंजेक्शन-दवा के अभाव में लोगों को दम तोड़ते देखना ह्दयविदारक है. राज्य में रोज 5 हजार से ऊपर इंजेक्शन की जरूरत है. राज्य को 23 दिन में 12 हजार 555 इजेक्शन मिले है. प्रदेश में जो हालात हुए है, उसके लिए 25 सांसद जिम्मेदार हैं. इनकी आंखों के सामने मौतें हो रही है और ये सांसद केन्द्र पर दबाव बनाकर दवा-इंजेक्शन दिलाने में नाकाम रहे हैं. ऐसे मेंकांग्रेस पार्टी राजस्थान के सभी 25 सांसदों से इस्तीफे की मांग करती है.

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इससे पहले पीसीसी चीफ डोटासरा द्वारा झगड़े के दौरान ‘मेरे आदेश मानने पड़ेंगे‘ वाली बात पर भी शांति धारीवाल ने अपने तेवर नरम करते हुए कहा कि पीसीसी चीफ के आदेशों का पालन जरूर होगा. मुझे कोटा और लालचंद कटारिया को अजमेर जाना था. कुल मिलाकर शांति धारीवाल ने विवाद का पूरा ठीकरा मीडिया पर फोड़ने की कोशिश की. धारीवाल ने कहा कि मीडिया ने ही बात का बतंगड़ बनाया है. इस तरह की खबरों से मीडिया मनोरंजन करता है. डोटासरा के सोनिया गांधी को शिकायत के सवाल पर धारीवाल ने कहा कि ये सब मीडिया की बनाई बातें हैं.

विदेशों में छवि चमकाने के लिए वैक्सीन को बाहर भेज दी
इसके साथ ही यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने वैक्सीन के मामले पर केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. धारीवाल ने केंद्र पर आरोप लगाया कि सरकार ने इंतजाम ठीक नहीं किए. बीजेपी को बंगाल चुनाव की चिंता ज्यादा थी. विदेशों में छवि चमकाने के लिए वैक्सीन को बाहर भेज दी गई. देश के नागरिकों को वैक्सीन उपलब्ध नहीं करवाई गई. उन्होंने कहा कि वैक्सीन मिलती तो लोगों की जान बच जाती.

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विदेश मंत्री को भीख का कटोरा लेकर भेजा अमेरिका
शांति धारीवाल ने आगे कहा कि प्रदेश में 5 दिनों से 18 साल से ज्यादा के युवाओं के लिये वैक्सीन की 1 डोज भी नहीं है. अब तो कोर्ट भी कह चुका, केंद्र सरकार, राज्यो को वैक्सीन उपलब्ध करावें. धारीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद, प्रधानमंत्री सहित केंद्र के मंत्रियों से बात करते रहे, तो भी वैक्सीन नहीं मिली. धारीवाल ने केंद्र और राज्यों को वैक्सीन की अलग अलग दरों पर भी सवाल उठाए. धारीवाल ने कहा कि पाकिस्तान जैसा छोटा सा देश मदद की बात कहने को तैयार हो गया इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है. आपने विदेश मंत्री को भीख का कटोरा लेकर मदद मांगने अमेरिका भेज दिया. रशिया चले गए सब जगह घूमते फिर रहे है, ये हालात है.

इस दौरान यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि कोविड प्रबंधन के बारे में लोगों को बताना जरुरी है. ये कोई सरकारी प्रेसवार्ता (पीसी) नहीं हैं’ ये तो पीसी तो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के डायरेक्शन से हो रही है. प्रधानमंत्री ने आसाम-बंगाल विधान सभा चुनावों में देश से फ्री वैक्सीन का वादा किया था. राज्यों की सरकारों को गफलत में रखा. बाद में राज्यों को खुद बंदोबस्त करने को कह दिया. धारीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के कुप्रबंधन से लाखों मौतें हुई है. कोई भी राज्य सरकार अपने स्तर पर वैक्सीन का खर्चा उठाती है तो 30 से 40 प्रतिशत खर्च आता फिर अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च कैसे उठाते.

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