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अब तय समय पर ही होंगी राजस्थान प्रशासनिक सेवा, राज्य सेवा एवं अधीनस्थ सेवाओं में होने वाली भर्तियां

20 सितंबर 2020
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अब तय समय पर ही होंगी राजस्थान प्रशासनिक सेवा, राज्य सेवा एवं अधीनस्थ सेवाओं में होने वाली भर्तियां

Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं, राज्य सेवाओं एवं अधीनस्थ सेवाओं में होने वाली भर्तियां अब भर्ती कैलेंडर के अनुसार तय समय पर ही पूरी होगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संघ लोक सेवा आयोग की तरह ही समय पर भर्ती विज्ञापन निकलें, नियमित परीक्षा हो और साक्षात्कार भी समय पर हों ताकि भर्तियां ज्यादा लंबित नहीं रहें. सीएम ने कहा किसी भी विभाग द्वारा भर्ती की अभ्यर्थना भेजे जाने के बाद परीक्षा आयोजित होने एवं परिणाम जारी होने में ज्यादा समय नहीं लगे. इसके लिए विभाग आरपीएससी एवं राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के साथ समन्वय स्थापित करें. शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम … Read more

Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं, राज्य सेवाओं एवं अधीनस्थ सेवाओं में होने वाली भर्तियां अब भर्ती कैलेंडर के अनुसार तय समय पर ही पूरी होगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संघ लोक सेवा आयोग की तरह ही समय पर भर्ती विज्ञापन निकलें, नियमित परीक्षा हो और साक्षात्कार भी समय पर हों ताकि भर्तियां ज्यादा लंबित नहीं रहें. सीएम ने कहा किसी भी विभाग द्वारा भर्ती की अभ्यर्थना भेजे जाने के बाद परीक्षा आयोजित होने एवं परिणाम जारी होने में ज्यादा समय नहीं लगे. इसके लिए विभाग आरपीएससी एवं राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के साथ समन्वय स्थापित करें.

शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम से राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक सीएम गहलोत ने कहा कि सेवा नियमों की अड़चनों के कारण कई बार भर्तियां अटकती हैं. ऐसे में आवश्यकता पड़ने पर सेवा नियामों में संशोधन किया जाए. जहां तक संभव हो भर्ती का विज्ञापन निकालने से पहले ही संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि उस परीक्षा की तिथि पर कोई अन्य परीक्षा पहले से ही निर्धारित नहीं हो, जिससे परीक्षा तिथि में बार-बार संशोधन करने की नौबत नहीं आए.

न्यायिक प्रक्रिया के कारण रुकी भर्तियों की प्रभावी रूप से की जाए पैरवी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भर्तियों के न्यायिक प्रक्रिया में अटकने के कारण कई बार अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. सीएम ने बताया कि न्यायिक निर्णयों के कारण लंबित भर्तियों के संदर्भ में पिछले चार माह में हुई प्रगति एवं करीब 6 हजार भर्तियों पर स्थगन आदेश हटना एवं भर्तियां पूरी होना संतोषजनक है. शेष जो भर्तियां न्यायिक प्रक्रिया के कारण रुकी हैं, उनमें प्रभावी रूप से पैरवी की जाए और संबंधित विभाग राज्य के महाधिवक्ता एवं अतिरिक्त महाधिवक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर न्यायालयों में अपना पक्ष मजबूती से रखें.

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य तय समय में हो. आरपीएससी और अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड विज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों को इस संबंध में सूचना दें. इसके लिए एक समयावधि तय कर दी जाए. दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों को बार-बार अवसर देने के बजाए कट-ऑफ डेट एक बार ही तय कर दी जाए. चयनित अभ्यर्थियों का परिवीक्षा काल पूरा करने के बाद स्थायीकरण समय पर हो यह सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री गहलोत ने रीट की परीक्षा समय पर आयोजित कराने के निर्देश भी दिए. साथ ही बताया कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण भी कई भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने में देरी हो रही है.

समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख शासन सचिव कार्मिक श्रीमती रोली सिंह ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 10 अगस्त, 2020 तक 76 हजार 265 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं. 2560 के परिणाम जारी हो चुके हैं और 1571 के साक्षात्कार होने हैं. 7053 पदों के लिए परीक्षा आयोजित हो चुकी है और परिणाम जारी करना शेष है. जबकि 21500 पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हो चुके हैं और परीक्षा आयोजित होनी है.

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