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पंजाब की सियासत: वारिस बनने वाले अपने भाई का नशा नहीं छुड़वा सके..', सुखबीर बादल का अमृतपाल पर बड़ा हमला

27 अगस्त 2026
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पंजाब की सियासत: वारिस बनने वाले अपने भाई का नशा नहीं छुड़वा सके..', सुखबीर बादल का अमृतपाल पर बड़ा हमला

अमृतपाल की रिहाई की मांग पर सुखबीर बादल का तीखा वार, बोले - अपने परिवार का नशा नहीं छुड़ा सके, पंजाब का नशा क्या छुड़ाएंगे?

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं और एक-दूसरे पर हमले भी तेज हो गए हैं. इसी बीच पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने ‘वारिस पंजाब दे’ और सांसद अमृतपाल सिंह पर तीखा हमला बोला है. बादल ने आरोप लगाया कि इनका मकसद पंजाब का भला करना नहीं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करना है.

‘अमृतपाल की रिहाई के लिए मिन्नतें कर रहे’

सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि अमृतपाल सिंह को जेल में गए अभी करीब दो साल ही हुए हैं और अब उनकी रिहाई को लेकर ‘छुड़ाओ-छुड़ाओ’ की आवाजें उठने लगी हैं. उन्होंने कहा कि ‘वारिस पंजाब दे’ का पूरा जोर अपने नेता की रिहाई और उसे मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाने पर है.

बादल ने दावा किया कि संगठन बंदी सिखों की रिहाई के लिए नहीं, बल्कि अमृतपाल को जेल से बाहर लाने के लिए आवाज उठा रहा है. उन्होंने सवाल किया कि जिन बंदी सिखों को 20-20 साल जेल में हो चुके हैं, उनके लिए उस समय आवाज क्यों नहीं उठाई गई? उन्होंने अमृतपाल के परिवार के कांग्रेस से कथित जुड़ाव का भी जिक्र करते हुए राजनीतिक निशाना साधा.

‘2022 में दुबई से पंजाब आया अमृतपाल’

अमृतपाल के अतीत पर सवाल उठाते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि वह वर्ष 2022 में दुबई से पंजाब आया था. उन्होंने कहा कि उस समय उसका लुक भी अलग था और उसके अतीत के बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं थी.

बादल ने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब आने के बाद अमृतपाल ने खुद को ‘पंजाब का वारिस’ बताना शुरू कर दिया. उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने को लेकर भी अमृतपाल पर निशाना साधा.

‘अपने परिवार का नशा नहीं छुड़ा सके’

सुखबीर बादल ने नशे के मुद्दे पर भी अमृतपाल पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पंजाब से नशा खत्म करने की बात करते हैं, वे पहले अपने परिवार में नशे की समस्या को खत्म नहीं कर सके.

बादल ने अमृतपाल के परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि यह परिवार लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़ा रहा और गांव में कांग्रेस की अगुआई करता रहा. उन्होंने 1984 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस समय ‘पंथ’ की याद क्यों नहीं आई, जब दरबार साहिब पर सैन्य कार्रवाई हुई और सिख समुदाय के लोगों की जान गई.

‘गोलकों पर कब्जा नहीं करने देंगे’

सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता और अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बड़े बादल साहब ने करीब 16 साल जेल में बिताए, जबकि अमृतपाल को जेल में गए अभी करीब दो साल ही हुए हैं और उसकी रिहाई को लेकर लगातार मांग की जा रही है.

उन्होंने कहा कि बंदी सिखों में कई ऐसे हैं जिन्हें 20-20 साल जेल में हो चुके हैं. बादल ने दावा किया कि अकाली दल पंजाब में अमन-शांति को भंग नहीं होने देगा और ऐसी ताकतों के मंसूबे कामयाब नहीं होने देगा.

उन्होंने कहा कि जब तक अकाली दल मौजूद है, तब तक ‘गोलकों पर कब्जा’ करने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा. बादल के मुताबिक, यही उनकी पार्टी के खिलाफ विरोध और नाराजगी की असली वजह है.

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