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राष्ट्रीय टीम में जगह मिलते ही एक्टिव हुईं स्मृति ईरानी, राहुल गांधी पर सीधा अटैक

23 अगस्त 2026
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राष्ट्रीय टीम में जगह मिलते ही एक्टिव हुईं स्मृति ईरानी, राहुल गांधी पर सीधा अटैक

बीजेपी महासचिव बनते ही स्मृति ईरानी का बदला अंदाज, राहुल गांधी को महिला आरक्षण और वंदे मातरम पर घेरा, कहा - बातों से नहीं, काम से साबित करें समर्थन

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में जगह मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी एक बार फिर सियासी तौर पर सक्रिय नजर आने लगी हैं. पार्टी में महासचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और खासकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा है.

स्मृति ईरानी ने रविवार को राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वह वास्तव में महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण के पक्ष में हैं, तो उन्हें पहले देश में महिला आरक्षण को लागू कराने और संसद में पूरे वंदे मातरम के गायन का समर्थन करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को महिलाओं के समर्थन की बात केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखनी चाहिए, बल्कि महिला आरक्षण के 33 फीसदी प्रावधान को लागू कराने के लिए स्पष्ट समर्थन देना चाहिए. स्मृति ने कांग्रेस मुख्यालय में पूरे वंदे मातरम के गायन की भी मांग उठाई.

स्मृति ईरानी का यह हमला राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद आया है. कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्राओं से पितृसत्ता को खत्म करने की अपील की थी. उन्होंने मनुस्मृति से जुड़ी सोच पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए समाज में अलग-अलग स्तर पर हिंसा और भेदभाव का इस्तेमाल किया जाता है.

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया था कि बड़ी संख्या में महिलाएं उत्पीड़न का सामना करती हैं और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं को जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर पुरुष रिश्तेदारों के नियंत्रण में रहने के लिए मजबूर करती है.

इसी बयान को लेकर अब स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को घेरा है. उन्होंने महिला अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से अपने समर्थन को ठोस राजनीतिक कदमों से साबित करने की चुनौती दी है.

गौर करने वाली बात यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद स्मृति ईरानी की सक्रिय राजनीति और सार्वजनिक मौजूदगी पहले की तुलना में काफी कम दिखाई दी थी. अब बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका दोबारा आक्रामक राजनीतिक अंदाज में सामने आना सियासी तौर पर अहम माना जा रहा है.

स्मृति ईरानी की वापसी ऐसे समय हुई है, जब महिला आरक्षण, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है. ऐसे में स्मृति का राहुल गांधी पर सीधा हमला बीजेपी और कांग्रेस के बीच नए सियासी वार-पलटवार की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है.

अब देखना होगा कि स्मृति ईरानी के इस हमले पर राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से क्या पलटवार किया जाता है और क्या आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच महिला अधिकारों और वंदे मातरम के मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होता है.

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