कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने कांग्रेस को जाति और वर्ग से आगे बढ़कर आम जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी है. इतना ही नहीं, उन्होंने अपने तर्क को समझाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का उदाहरण भी दिया.
एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि कांग्रेस
को समाज के अलग-अलग वर्गों और समूहों के हितों से आगे बढ़कर उन मुद्दों पर भी ध्यान
देना चाहिए, जो देश के आम नागरिकों को प्रभावित करते हैं. उनका यह बयान ऐसे समय आया
है, जब कांग्रेस OBC पहुंच और जाति आधारित प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी राजनीतिक रणनीति
पर लगातार जोर दे रही है.
‘आम जनता और मिडिल क्लास के मुद्दों पर भी ध्यान दे कांग्रेस’
शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस को सिर्फ जाति और वर्ग से जुड़े
मुद्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. पार्टी को आम जनता, मिडिल क्लास और प्रोफेशनल्स
से जुड़े सवालों को भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाना चाहिए.
उनके मुताबिक, महंगाई, रोजगार, आर्थिक अवसर और मध्यम वर्ग
से जुड़े ऐसे कई मुद्दे हैं, जिनका असर जाति या धर्म की सीमाओं से परे देश के बड़े
वर्ग पर पड़ता है. ऐसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस को अपनी पहुंच और राजनीतिक संदेश को
व्यापक बनाने की जरूरत है.
CJP का उदाहरण देकर बोले- सभी दल सीख सकते हैं
अपने बयान में थरूर ने CJP के जंतर-मंतर आंदोलन का उदाहरण
दिया. उन्होंने कहा कि CJP ने ऐसा मुद्दा उठाया था, जिसका जाति, धर्म, भाषा, राज्य
या पंथ से कोई सीधा संबंध नहीं था और इसी वजह से उसे अलग-अलग वर्गों से समर्थन मिला.
थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल के पक्ष
या विपक्ष में बात नहीं कर रहे हैं. उन्होंने इसे अपना निजी विचार बताते हुए कहा कि
सभी राजनीतिक दल ऐसे आंदोलनों से सीख सकते हैं.
थरूर का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि
कांग्रेस इन दिनों सामाजिक प्रतिनिधित्व और जाति आधारित राजनीति को लेकर अपना फोकस
बढ़ा रही है. ऐसे में पार्टी के भीतर से ही एक वरिष्ठ नेता का व्यापक और गैर-जातीय
मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है.
पहले भी पार्टी लाइन से अलग राय रखते रहे हैं थरूर
शशि थरूर कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल हैं, जो कई मौकों
पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं. उनके बयानों को लेकर
कई बार पार्टी के भीतर और बाहर बहस भी छिड़ती रही है.
इस बार भी थरूर ने सीधे तौर पर कांग्रेस को किसी राजनीतिक
दल से सीखने की सलाह नहीं दी, लेकिन CJP के आंदोलन का उदाहरण देकर उन्होंने यह जरूर
संकेत दिया कि व्यापक जनसमर्थन हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों पर
ध्यान देना चाहिए जो आम लोगों को एक साथ जोड़ सकें.
क्या कांग्रेस थरूर की सलाह पर करेगी मंथन?
थरूर के बयान को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब कांग्रेस
अपनी राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिश कर रही है. पार्टी जहां सामाजिक
न्याय, OBC प्रतिनिधित्व और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों को प्रमुखता दे रही है, वहीं
थरूर का जोर मिडिल क्लास, प्रोफेशनल्स और आम जनता से जुड़े व्यापक मुद्दों पर है.
अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस थरूर की इस सलाह को महज उनकी
निजी राय मानकर आगे बढ़ जाएगी या पार्टी के भीतर इस पर गंभीरता से मंथन भी होगा. वहीं,
CJP का नाम लेकर कांग्रेस को सीख देने वाले थरूर के बयान ने यह बहस जरूर छेड़ दी है
कि आने वाली राजनीति में पार्टियों के लिए जाति से आगे बढ़कर ‘सर्वजन से जुड़े मुद्दे’
कितने अहम होंगे.












