Mohd Zama Khan Latest News - बिहार की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले मोहम्मद जमा खान इस समय नीतीश कुमार सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हैं. कैमूर की धरती से निकलकर लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचने वाले जमा खान न केवल अपनी राजनैतिक पहुंच, बल्कि अपने स्पष्ट बयानों के लिए भी जाने जाते है. वे उन गिने चुने मुस्लिम नेताओं में से है, जो गौरव के साथ स्वीकार करते है कि उनके पूर्वज राजस्थान के राजपूत थे. इस बात को वह तथ्यों के साथ बताते है कि कैसे आक्रमणकारी, वहसी बख्तियार खिलजी के बर्बर हमलों और जबरन धर्मांतरण के दबाव में उनके पूर्वजों को मुसलमान बनना पड़ा था. इस लेख में हम आपको मोहम्मद जमा खान की जीवनी (
Mohd Zama Khan Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
मोहम्मद जमा खान की जीवनी (Mohd Zama Khan Biography in Hindi)
| पूरा नाम |
मोहम्मद जमा खान |
| उम्र |
53 साल |
| जन्म तारीख |
1 जनवरी 1973 |
| जन्म स्थान |
भभुआ, बिहार |
| शिक्षा |
12वीं |
| कॉलेज |
आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज |
| वर्तमान पद |
बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री |
| व्यवसाय |
राजनीतिज्ञ |
| राजनीतिक दल |
जनता दल (यूनाइटेड) |
| वैवाहिक स्थिति |
विवाहित |
| पिता का नाम |
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| माता का नाम |
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| पति का नाम |
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| बेटें का नाम |
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| बेटी का नाम |
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| स्थाई पता |
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| वर्तमान पता |
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| फोन नंबर |
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| ईमेल |
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मोहम्मद जमा खान का जन्म और परिवार (Mohd Zama Khan Birth & Family)
मोहम्मद जमा खान का जन्म 1973 को बिहार के भभुआ ज़िले के चैनपुर प्रखंड के नौघरा गांव में हुआ था. मोहम्मद जमा खान मुस्लिम है. उनपर कोई 1 आपराधिक मामला हैं.
मोहम्मद जमा खान की शिक्षा (Mohd Zama Khan Education)
मोहम्मद जमा खान ने वर्ष 1989 में वाराणसी के आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज से उच्चतर माध्यमिक परीक्षा (12वीं) उत्तीर्ण किया.
मोहम्मद जमा खान का राजनीतिक करियर (Mohd Zama Khan Political Career)
मोहम्मद जमा खान जेडीयू नेता है, और इस समय एनडीए कोटे से वह बिहार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री है. उनकी राजनीतिक यात्रा एक दशक से भी पहले शुरू हुई है. उनकी राजनीतिक कर्मभूमि बिहार का कैमूर जिला रहा है. उनकी गिनती क्षेत्र के एक जाने माने नेता में होती है.
उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से की थीं. बीएसपी ने उन्हें पहली बार 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में चैनपुर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने लगभग 35,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. चुनाव में, उन्होंने भाजपा के ब्रिज किशोर बिंद को पराजित किया. मोहम्मद जमा को कुल 95,245 मत आए थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा उम्मीदवार ब्रिज किशोर बिंद को 70,951 मत आए. बाद में, जमा खान जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में शामिल हो गए. जेडीयू में शामिल होने पर उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया.
अब जब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव हुए तो जेडीयू ने उन्हें एक बार फिर से चैनपुर से अपना उम्मीदवार बनाया और दूसरी बार उनकी यहां से जीत हुई. इस बार भी उन्होंने ब्रिज किशोर बिंद को पराजित किया. इस बार ब्रिज किशोर बिंद राजद के टिकट पर यहां से उम्मीदवार थे. इस चुनाव में उनकी लगभग आठ हजार वोटो के अंतराल से जीत हुई. भाजपा का जेडीयू से चुनाव पूर्व गठबंधन होने के कारण भाजपा ने यहां से अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे. जीत के बाद एक बार फिर से उन्हें राज्य में मंत्री पद हासिल हुए. पिछले बार की तरह इस बार भी वह अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बनाये गए.
वर्तमान में, मोहम्मद जमा खान बिहार की नीतीश कुमार सरकार में ‘अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री' है.
मोहम्मद जमा खान से जुड़े रोचक तथ्य
मोहम्मद जमा खान से जुड़े एक रोचक तथ्य है, संघ प्रमुख का कहना है कि भारत में रहने वाले सभी के पूर्वज हिन्दू है, भागवत अपने बयान में प्रायः यह कहा करते है, पर अन्य मुसलमानो से अलग हटकर मोहम्मद जमा खान संघ प्रमुख की बातों का पूर्ण समर्थन करते है. उनका कहना है कि हमारे पूर्वज हिन्दू ही थीं, यानि हम सब कनवर्टेड है.
एक और रोचक तथ्य यह है कि वह बिहार के जिस क्षेत्र के रहने वाले है, उनका कहना है कि उनके पूर्वज जो राजपूत हुआ करते थे और मूल रूप से राजस्थान के थे, वे यहां आकर बस गए थे. उन्होंने कहा उनके पूर्वज महिमन सिंह, आठ सौ वर्ष पहले राजस्थान के बासंवाड़ा से बिहार आकर बस गए थे. उनके दो पुत्र हुए, जिनके नाम थे, भगवान् सिंह और जयराम सिंह. भगवान् सिंह ने चैनपुर स्टेट में सेना में नौकरी पकड़ ली और फिर धीरे धीरे ओहदा बढ़ते बढ़ते वह सेनापति बन गए. उसी समय 1199 में सनातन धर्म का अस्तित्व समाप्त करने के उद्देश्य से बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्विद्यालय को जला दिया और उसी क्रम में उसने चैनपुर पर भी हमला कर दिया. मुस्लिम हमला इसलिए करते थे ताकि वहां के हिन्दुओ को वह इस्लाम में जबदस्ती कन्वर्ट कर सके. खिलजी ने भगवान् सिंह को जबरदस्ती मुसलमान बना दिया और फिर उसका नाम पहाड़ खान पड़ गया. मोहम्मद जमा खान का कहना है कि वह पहाड़ खान उर्फ़ भगवान् सिंह के वंशज है. जबकि उनके दूसरे भाई जयराम सिंह तब भी हिन्दू ही रहे इसी कारण पास के क्षेत्र हिन्दुओ का बन गया जबकि उनका क्षेत्र मुस्लिम.
मोहम्मद जमा खान की संपत्ति (Mohd Zama Khan Property)
2025 के विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार मोहम्मद जमा खान की कुल संपत्ति 1.57 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 16 लाख रूपये का कर्ज है.
इस लेख में हमने आपको मोहम्मद जमा खान की जीवनी (Mohd Zama Khan Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.