आरपीएन सिंह की जीवनी (RPN Singh Biography in Hindi)
RPN Singh Latest News - रतनजीत प्रताप नारायण सिंह, जिन्हे आमतौर पर आर. पी. एन. सिंह के नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं. कुशीनगर जिले के पडरौना से संबंध रखने वाले आर. पी. एन. सिंह पूर्व राजघराने से आते हैं और क्षेत्र में उन्हें 'राजा साहेब' के नाम से भी जाना जाता है. नब्बे के दशक से सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाले सिंह का परिवार कभी इंदिरा गांधी के करीबी परिवारों में माना जाता था, जिसके चलते इस परिवार के सदस्यों का कांग्रेस में विशेष प्रभाव रहा. पडरौना विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके आरपीएन सिंह वर्ष 2009 में पंद्रहवीं लोकसभा के लिए भी निर्वाचित हो चुके हैं और बाद में वे यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहें. वर्ष 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. इसके बाद अप्रैल 2024 में वे भाजपा के टिकट पर उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. राज्यसभा सांसद के तौर पर उनका वर्तमान कार्यकाल अप्रैल 2030 तक हैं. इस लेख में हम आपको आरपीएन सिंह के जीवन परिचय (RPN Singh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
आरपीएन सिंह जन्म और परिवार (RPN Singh Birth & Family)
आर.पी.एन. सिंह (Ratanjit Pratap Narain Singh or R. P. N. Singh), जिनका पूरा नाम रतनजीत प्रताप नारायण सिंह हैं, का जन्म 25 अप्रैल 1964 को नई दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय श्री सीपीएन सिंह (Late Shri C.P.N. Singh) और माता का नाम श्रीमती मोहिनी देवी (Shrimati Mohini Devi) हैं.
उनका विवाह 7 दिसंबर 2002 को श्रीमती सोनिया सिंह (Shrimati Sonia Singh) से हुआ. उनकी तीन बेटियां हैं जबकि बेटे नहीं हैं. उनकी पत्नी सोनिया सिंह एनडीटीवी में एंकर और संपादकीय निदेशक हैं.
रतनजीत प्रताप नारायण सिंह धर्म से हिन्दू हैं जबकि जाति से सैंथवार कुर्मी हैं.
आरपीएन सिंह पर कोई आपराधिक मामले नहीं है. (स्रोत : myneta.info - 2024)
स्थायी पता : द पैलेस, वार्ड नं. 13, रामलीला मैदान, पडरौना, कुशीनगर
वर्तमान पता : एबी-23, तिलक मार्ग, नई दिल्ली 110001 दूरभाष- 9810334386
आरपीएन सिंह की शिक्षा (RPN Singh Education)
आरपीएन सिंह की आरम्भिक शिक्षा दून स्कूल से हुई हैं. बाद में, उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से इतिहास में ऑनर्स (बीए हिस्ट्री ऑनर्स) किया. आगे की पढाई के लिए वे अमरीका चले गए पर पिता की मृत्यु के बाद वे अपनी शिक्षा अधूरी छोड़कर वापस स्वदेस लौट आये.
आरपीएन सिंह राजनीतिक करियर (RPN Singh Political Career)
आरपीएन सिंह की राजनीतिक यात्रा 1990 के दशक से आरम्भ हुई. उनके पिता, स्वर्गीय सीपीएन सिंह कुशीनगर (तब पडरौना) के सांसद थे और 1980 में इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में रक्षा राज्य मंत्री थे. सिंह का परिवार इंदिरा गांधी और बाद में राजीव गांधी के विशेष करीबी था. सीपीएन सिंह कभी पडरौना के राजा हुआ करते थे. राजा होने के कारण उस क्षेत्र में उनका विशेष सम्मान था. गांधी परिवार से निकटता के बाद इंदिरा गांधी सहित बाद में राजीव गांधी से भी परिवार की निकटता बरक़रार रही. सीपीएन सिंह के बाद उनके बेटे आरपीएन सिंह भी इस रिश्ते को आगे बढ़ाते रहें. गांधी परिवार से आरपीएन सिंह की निकटता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता हैं कि पडरौना में किये गए एक रोड शो के बाद सोनिया गांधी ने सिंह के महल में रात्रि विश्राम किया था. आरपीएन सिंह की पढाई भी दून स्कूल से हुई हैं, जहाँ से राजीव गांधी, राहुल गांधी, अमिताभ बच्चन, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज हस्तियों ने पढाई की हैं. पडरौना राज घराने से आने के कारण स्थानीय लोग उन्हें 'राजा साहेब' या 'राजा भैया' के नाम से भी जानते हैं.
1990 में राजनीति में कदम रखने के बाद आरपीएन सिंह ने पहली बार वर्ष 1993 में पडरौना विधानसभा से चुनाव लड़ा पर हार गए. लेकिन सिंह वर्ष 1996, 2002 और 2007 में इसी विधानसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते रहें. इसी के बाद वे 2009 में कुशीनगर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए. यह सीट पहली बार इस वर्ष अस्तित्व में आयी. इससे पहले यानि 2008 के परिसीमन के पहले यही सीट 'पडरौना लोकसभा सीट' थी. 2009 के लोकसभा में पहली बार की जीत के बाद ही आरपीएन सिंह को तत्कालीन मनमोहन सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया, वे 2009 से लेकर 2011 तक 'सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री' तो 2011 से लेकर 2013 तक 'केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री' और फिर 2013 से लेकर 2014 तक 'केंद्रीय गृह राज्य मंत्री' के पद पर आसीन रहें.
आरपीएन सिंह 2014 और 2019 में कुशीनगर सीट से लोकसभा चुनाव लगातार हारते चले गए. वे भाजपा की आंधी में नहीं टिक पाए. 2014 में भाजपा के राजेश पांडे से और 2019 में भाजपा के विजय दुबे से हार गए. वर्तमान में, भी इस सीट से भाजपा के विजय दुबे ही सांसद हैं. इसी के बाद उन्होंने जनवरी 2022 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और 2022 के यूपी चुनाव से ठीक एक महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. भाजपा ने उनकी वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया और इसी के बाद वे अप्रैल 2024 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए.
वर्तमान में, वे उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद है. उनका यह कार्यकाल अप्रैल 2030 को पूर्ण होगा.
आरपीएन सिंह की संपत्ति (RPN Singh Property)
2024 में राज्यसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार आरपीएन सिंह की कुल संपत्ति 78.78 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नहीं हैं.
इस लेख में हमने आपको आरपीएन सिंह जीवनी (RPN Singh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.













