परेश चंद्र अधिकारी की जीवनी (Paresh Chandra Adhikary Biography in Hindi)
Paresh Chandra Adhikary Latest News - परेश चंद्र अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बड़े नेता माने जाते है. अस्सी के दशक में राजनीति की दुनियां में कदम रखने वाले अधिकारी राज्य में दो बार मंत्री भी रह चुके है. पहली बार वाम मोर्चा (फॉरवर्ड ब्लॉक) सरकार में और फिर दूसरी बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासित सरकार में. टीएमसी सरकार में उन्हें शिक्षा राज्य मंत्री बनाया गया था. विवादों से घिरे परेश चंद्र अधिकारी 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव में मेकलीगंज सीट से एक बार फिर से भाग्य आजमा रहे है.. इस लेख में हम आपको परेश चंद्र अधिकारी के जीवन परिचय (Paresh Chandra Adhikary Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
परेश चंद्र अधिकारी जन्म और परिवार (Paresh Chandra Adhikary Birth & Family)
परेश चंद्र अधिकारी (Paresh Chandra Adhikary) का जन्म पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले के मेखलीगंज में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय दत्ता नारायण अधिकारी है. वे शादी-शुदा है और उनकी पत्नी गृहणी है. उनकी बेटी का नाम अंकिता अधिकारी हैं. परेश चंद्र अधिकारी धर्म से हिन्दू है और एससी वर्ग से है. उनपर 1 आपराधिक मामलें दर्ज है.
परेश चंद्र अधिकारी शिक्षा (Paresh Chandra Adhikary Education)
परेश चंद्र अधिकारी ने 1970 में पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के मेखलीगंज हाई स्कूल से उच्च माध्यमिक परीक्षा (मैट्रिक) उत्तीर्ण की.
परेश चंद्र अधिकारी राजनीतिक करियर (Paresh Chandra Adhikary Political Career)
परेश चंद्र अधिकारी की राजनीतिक यात्रा अस्सी के दशक में आरंभ हुई. अधिकारी 1991 में फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर पहली बार मेकलीगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. यह विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में पड़ती है. वही यह सीट राज्य की अनुसूचित जाति वाली आरक्षित सीट भी है. यदि लोकसभा की बात करें, तो यह सीट राज्य के जलपाईगुड़ी लोकसभा क्षेत्र का एक हिस्सा है. यह क्षेत्र राज्य के पूर्वोत्तर (पूर्वी भारत) में स्थित है. वही पार्टी की बात करें तो यह क्षेत्र शुद्ध रूप से वामपंथी क्षेत्र है. इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा तो दूर की बात है, यहाँ से आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस भी मात्र 3 बार ही जीत पायी है. दो बार शुरूआती के समय में और तीसरी और अंतिम बार 1972 में. वामपंथियों के इस गढ़ को बाद में ममता की पार्टी टीएमसी ने हड़प लिया और फिर 2016 से और 2021 में यहाँ से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जीती. 2016 में अर्घ्य रॉय प्रधान और फिर 2021 में परेश चंद्र अधिकारी ने यहाँ से जीत दर्ज की थी.
परेश चंद्र अधिकारी अपनी पहली जीत के बाद अगली जीत को बरक़रार नहीं रख पाए और वे 1996 के विधानसभा चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने 2001, 2006 और 2011 में फॉरवर्ड ब्लॉक के लिए जीत हासिल करना जारी रखा. अधिकारी 2006 से लेकर 2011 तक पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार में कार्यवाहक खाद्य मंत्री भी रहे है.
लेकिन 2011 में ममता के नेतृत्व में वाममोर्चा के विरुद्ध आक्रामक राजनीति के कारण राज्य में टीएमसी सरकार आयी और इसी के साथ राज्य में तीन दशक से भी लंबे समय से चले आ रहे वामपंथ का अंत हुआ. इस अंत के बाद अधिकारी ने भी अपना मार्ग बदल लिया और वे वर्ष 2019 में फॉरवर्ड ब्लॉक छोड़ दिया और फिर उसी वर्ष ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए. टीएमसी में शामिल होने के बाद व उनकी वरिष्ठता को देखते हुए टीएमसी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य के कूच बिहार लोकसभा सीट से उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया. लेकिन भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक से अधिकारी हार गए. 2021 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने मेखलीगंज विधानसभा सीट फिर से जीती और विधायक बने. टीएमसी के टिकट पर पहली बार जीतकर आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारी को राज्य में शिक्षा राज्य मंत्री बना दिया. राज्य में मंत्री के तौर पर यह उनका दूसरा जबकि मंमता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में पहला कार्यकाल था. 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें एक बार फिर से मेकलीगंज अपना उम्मीदवार बनाया और जहाँ से उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के दधिराम रॉय से है. ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) यहाँ से अब (2021) तक नहीं जीत पायी है.
कांग्रेस के विवादित नेता
परेश चंद्र अधिकारी तृणमूल कांग्रेस के विवादित नेता रहे है. 17 मई 2022 को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने सीबीआई को सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में अपनी बेटी अंकिता अधिकारी की कथित नियुक्ति के संबंध में परेश चंद्र अधिकारी से पूछताछ करने का निर्देश दिया था. उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री सहित राज्य के तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ से भी अधिकारी को मंत्री पद से हटाने का आग्रह किया था.
परेश चंद्र अधिकारी संपत्ति (Paresh Chandra Adhikary Property)
2026 में विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार परेश चंद्र अधिकारी की कुल संपत्ति 4.36 करोड़ रूपये हैं जबकि उनपर 29 लाख रूपये का कर्ज है.
इस लेख में हमने आपको परेश चंद्र अधिकारी जीवनी (Paresh Chandra Adhikary Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.













