जितेंद्र मिश्रा की जीवनी (Jitendra Mishra Biography in Hindi)
Jitendra Mishra Latest News - पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (jitendra mishra ceo ram mandir) भारतीय वायुसेना के अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं. करीब चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने फाइटर पायलट, फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के रूप में अपनी सेवा दी. वायुसेना में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए वे अंततः पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद तक पहुंचे. तीन हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव रखने वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था. अप्रैल 2026 में वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद सितंबर 2026 में उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (jitendra mishra ceo ram mandir trust ) का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया. इस तरह सैन्य सेवा के बाद उन्हें अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली है.. इस लेख में हम आपको पूर्व एयर मार्शल व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रथम सीईओ जितेंद्र मिश्रा के जीवन परिचय (jitendra mishra ceo ram mandir biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
जितेंद्र मिश्रा जन्म और परिवार (Jitendra Mishra Birth & Family)
जितेंद्र मिश्रा (air marshal jitendra mishra) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और वायु सेना अकादमी, दुंडीगल से शिक्षा ग्रहण किया हैं. बाद में, उन्होंने वायु सेना परीक्षण पायलट स्कूल, वायु कमान और स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, यूनाइटेड किंगडम से पढाई की.
जितेंद्र मिश्रा का सेना में करियर (Jitendra Mishra Career in the Army)
पूर्व एयर मार्शल (air marshal jitendra mishra) व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रथम सीईओ जितेंद्र मिश्रा (ram mandir ceo) को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन मिला. करीब 38 वर्षों से अधिक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 3,000 से अधिक घंटे उड़ान भरी और 18 से अधिक प्रकार के लड़ाकू एवं परिवहन विमानों तथा हेलीकॉप्टरों को उड़ाया. वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट, फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में चीफ टेस्ट पायलट रह चुके है. वायुसेना में सेवा के दौरान जितेंद्र मिश्रा ने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर काम किया. वे 15 विंग, बरेली और 18 विंग, पठानकोट के एयर ऑफिसर कमांडिंग रहे. इसके अलावा उन्होंने एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के निदेशक तथा प्रोजेक्ट्स से जुड़े वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी संभाली. वे एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (ASTE) के कमांडेंट भी रह चुके है. बाद में उन्हें इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ के पद पर प्रोमोशन मिला.
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा उस टीम का हिस्सा भी रहे है, जिसने कारगिल युद्ध के दौरान मिराज-2000 लड़ाकू विमानों पर लेजर गाइडेड बमों का सफल प्रयोग किया. बाद में इन्हीं क्षमताओं का इस्तेमाल टाइगर हिल और मुनथो ढालो जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर हमलों में किया गया. 1 जनवरी 2025 को जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभाला. इससे पहले वे इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ के पद पर कार्यरत थे. ऑपरेशन सिंदूर में जितेंद्र मिश्रा पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे. इस दौरान पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय वायु अभियानों की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व वाली कमान के पास थी. अपनी सर्वोच्च कौशल का प्रयोग करते हुए जितेंद्र मिश्रा ने आसमान से युद्ध का मोर्चा संभाला और देश के सम्मान व कश्मीर स्थित पहलगाम में निहत्थे, निर्दोष मारे गए लोगो को न्याय दिलवाया.
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ऑपरेशन सिंदूर में अपने सर्वोच्च युद्ध प्रदर्शन के लिए 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया. सैन्य अभियान के लिए दिया जाने वाला यह एक विशेष तरह का सम्मान है, जो युद्ध का संचालन करने के लिए दिया जाता है. यह संघर्ष के दौरान बेहतरीन सेवा के लिए देश का उच्च श्रेणी का युद्धकालीन विशिष्ट सेवा सम्मान है. इसका मानक इतना ऊंचा है कि 46 सालों में यह केवल दस बार ही दिया गया है. जितेंद्र मिश्रा ने 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति ली.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO के रूप में करियर
सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को 2 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया. सीईओ (CEO) के रूप में उन्हें राम मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी है. उनकी नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति को कुल 5,585 आवेदन मिले थे, दो महीने तक चली चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों को विभिन्न चरणों में शॉर्टलिस्ट किया गया. अंततः पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का इस पद के लिए चयन किया गया. इस पद पर वे मंदिर परिसर से जुड़े प्रशासन, संचालन और व्यवस्था से संबंधित जिम्मेदारियों को संभालेंगे. अपनी नियुक्ति के बाद मिश्रा ने इसे देश की सेवा का एक और अवसर बताया. उन्होंने कहा कि वायुसेना में करीब चार दशक की सेवा के बाद मिली यह जिम्मेदारी उनके लिए सौभाग्य की बात है और उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि वे अपने कर्तव्यों का सफलतापूर्वक पालन करें.
इस लेख में हमने आपको जितेंद्र मिश्रा जीवनी (Jitendra Mishra Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.













