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सुमेधानंद सरस्वती की जीवनी | Sumedhanand Saraswati Biography in Hindi

31 अगस्त 2026
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सुमेधानंद सरस्वती की जीवनी | Sumedhanand Saraswati Biography in Hindi

Sumedhanand Saraswati Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको सुमेधानंद सरस्वती जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.


सुमेधानंद सरस्वती की जीवनी (Sumedhanand Saraswati Biography in Hindi)

Sumedhanand Saraswati Latest News  - सुमेधानंद सरस्वती राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क़े ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने संत और सामाजिक कार्यकर्ता की पृष्ठभूमि से निकलकर देश की सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाई. आर्य समाज से जुड़े सुमेधानंद सरस्वती अपने जीवन में लंबे समय तक सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रो में सक्रिय रहे और फिर बाद में राजनीति में कदम रखा. वर्ष 2014 में भाजपा क़े टिकट पर राजस्थान क़े सीकर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर उन्होंने पहली बार देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. बाद में, उन्हें 2019 क़े चुनाव में भी इसी सीट से जीत हासिल हुई पर लगातार दो बार जीत दर्ज करने पर 2024 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस लेख में हम आपको सुमेधानंद सरस्वती के जीवन परिचय (Sumedhanand Saraswati Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

सुमेधानंद सरस्वती जन्म और परिवार (Sumedhanand Saraswati Birth & Family)

सुमेधानंद सरस्वती (Sumedhanand Saraswati) का जन्म 1 अक्टूबर 1951 को हरियाणा के रोहतक जिले के बलंद में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री माया राम आर्य (Shri Maya Ram Arya) और माता का नाम श्रीमती भारती देवी (Smt. Bharti Devi) हैं.

सुमेधानंद सरस्वती ने विवाह नहीं किया है.

सुमेधानंद सरस्वती हिन्दू है.

उनपर 0 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)

स्थायी पता:  वैदिक आश्रम, पिपराली, वि. और पीओ पिपराली, जिला सीकर, राजस्थान

दूरभाष: (01572) 226300

मोबाइल: 09928470131

वर्तमान पता: 1, हरिश्चंद्र माथुर लेन, दिल्ली - 110001

दूरभाष: (011) 23314748,

मोबाइल: 09013869341

सुमेधानंद सरस्वती की शिक्षा (Sumedhanand Saraswati Education)

सुमेधानंद सरस्वती ने वर्ष 1979 में संस्कृत महाविद्यालय दयानंद मठ, दीना नगर, जिला गुरुदासपुर (पंजाब) से स्नातकोत्तर (दर्शनाचार्य) किया.

सुमेधानंद सरस्वती का आरंभिक जीवन (Sumedhanand Saraswati Early Life)

राजनीति में आने से पहले सुमेधानंद सरस्वती जीवन एक सन्याशी की तरह रहा हैं. उन्होंने 1974 क़े आसपास घर परिवार छोड़ दिया था और आर्य समाज में शामिल हो गए थे. इस संस्था से जुड़ने क़े बाद बाद क़े वर्षो में उन्होंने एक वैदिक आश्रम की स्थापना भी की है. वे दिल्ली स्थित सर्व देशी आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं. इसके साथ ही उन्होंने गौ संरक्षण, सांस्कृतिक परंपरा और वेदों की शिक्षा के लिए अभियान भी चलाया हैं. सुमेधानंद सरस्वती को योग गुरु रामदेव का भी निटकतम माना जाता हैं. मीडिया सूत्रों क़े अनुसार योगगुरु रामदेव क़े कहने पर ही भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव में राजस्थान से टिकट दिया था. 

सुमेधानंद सरस्वती राजनीतिक करियर (Sumedhanand Saraswati Political Career)

सुमेधानंद सरस्वती की राजनीतिक यात्रा मई 2014 में हुए 16वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित होने क़े साथ शुरू हुई. 16वीं लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें राजस्थान की सीकर सीट से खड़ा किया और वे कांग्रेस क़े प्रताप सिंह जाट क़े मुकाबले 2,39,196 मतों के अंतर से जीत गए. इस चुनाव में सुमेधानंद सरस्वती को 4,99,428 वोट मिले, तो वही उनके निटकतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार प्रताप सिंह जाट को 2,60,232 मत हासिल हुए. इसके बाद 2019 में हुए 17वीं लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन्हें एक बार फिर से सीकर से उम्मीदवार बनाया और उनकी जीत हुई.

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सुमेधानंद सरस्वती को 7,72,104 वोट मिले, तो वही उनके निटकतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के उम्मीदवार सुभाष महारिया को 4,74,948 मत हासिल हुए. इस तरह सुमेधानंद सरस्वती अपने दूसरे लोकसभा चुनाव को 2,97,156 मतों के अंतर से जीतकर देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन फिर से पहुंचे. इस चुनाव में उन्हें कुल 7,72,104 मत मिले, जबकि सुभाष महरिया को 4,74,948 मत प्राप्त हुए. लोकसभा सांसद के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान सुमेधानंद सरस्वती संसदीय समितियों में भी सक्रिय रहे.

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सुमेधानंद सरस्वती को तीसरी बार भाजपा ने सीकर से टिकट दिया पर इस बार वे हार गए. इस चुनाव में उनका सीधा और एकतरफा मुकाबला इंडी गठबंधन के तहत मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के अमरा राम से हुआ. जहाँ माकपा प्रत्याशी अमरा राम को 6,59,300 मत हासिल हुए, तो वही सुमेधानंद सरस्वती को 5,86,404 मत हासिल हुए. इस तरह सुमेधानंद सरस्वती अमरा राम से 72,896 मतों के अंतर से हार गए. इस हार क़े बाद भी दो बार क़े पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती राजस्थान की, और विशेषकर सीकर की राजनीति में सक्रिय हैं.

सुमेधानंद सरस्वती की संपत्ति (Sumedhanand Saraswati Property)

2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार सुमेधानंद सरस्वती की कुल संपत्ति 62.80 लाख रुपये हैं, जबकि उनपर 47 लाख रूपये का कर्ज भी है.

इस लेख में हमने आपको सुमेधानंद सरस्वती जीवनी (Sumedhanand Saraswati Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

 


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