Rajasthan Politics: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में बारिश की कमी के चलते बन रहे सूखे जैसे हालात पर गंभीर चिंता जताई है. पूर्व सीएम गहलोत ने गुरुवार को कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ से लेकर बालोतरा तक कई इलाकों में ग्वार, मूंग, मोठ और बाजरे जैसी खरीफ फसलें पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण झुलस चुकी हैं. कई जगह हालात ऐसे हैं कि फसलें पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है.
कांग्रेस नेता गहलोत ने कहा कि बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ेगा, जिन्होंने कर्ज लेकर खेती की है. खरीफ फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के लिए कर्ज चुकाना और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर पशुपालकों के सामने भी संकट बढ़ता जा रहा है. बारिश कम होने के कारण खेतों और आसपास चारे की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, जिससे मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना पशुपालकों के लिए चुनौती बनता जा रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात में सबसे बड़ी चिंता आगामी रबी सीजन को लेकर है. यदि खरीफ की फसल ही खराब हो गई तो किसान रबी की बुवाई के लिए बीज और खाद की व्यवस्था कैसे करेंगे और खेत तैयार करने का खर्च कहां से जुटाएंगे. गहलोत ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ किसानों और पशुपालकों के साथ खड़े होने का है. सरकार को स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत के कदम उठाने चाहिए, ताकि किसानों पर आर्थिक संकट और गहरा न हो.
अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से मांग की कि समय रहते प्रभावित क्षेत्रों में फसल खराबे का सर्वे करवाया जाए और नुकसान के आधार पर किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए. साथ ही उन्होंने पशुपालकों की मदद के लिए चारा डिपो खोलने और जरूरत पड़ने पर रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी अभी से शुरू करने की मांग की. गहलोत ने कहा कि रबी सीजन में किसानों को बीज, खाद और खेत की तैयारी सहित हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि खरीफ फसल के नुकसान के बाद किसानों के सामने अगली फसल को लेकर किसी तरह का संकट खड़ा न हो.









