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अरुण सिंह की जीवनी | Arun Singh Biography in Hindi

11 मई 2026
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अरुण सिंह की जीवनी | Arun Singh Biography in Hindi

Arun Singh Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको  अरुण सिंह जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.


अरुण सिंह की जीवनी (Arun Singh Biography in Hindi)

Arun Singh Latest News -  अरुण सिंह उत्तर प्रदेश भाजपा के एक बड़े नेता है, जो युवा अवस्था से ही पार्टी संगठन से जुड़े रहे है. उन्होंने आंध्र प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और लद्दाख सहित विभिन्न राज्यों में भाजपा के राज्य प्रभारी के रूप में भी जिम्मेदारियां निभा चुके है. राजनीति के अलावे प्रबंधन और वित्त के क्षेत्र में कई बड़े पद पर रह चुके है. उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक के निदेशक के रूप में सात वर्षों तक कार्य किया है. इसके साथ ही, वे विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र जैसे बड़े संस्थाओ की परियोजनाओं से भी जुड़े रहे है. इस समय सिंह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अनुसंधान फाउंडेशन (एसपीएमआरएफ) के सचिव के पद पर आसीन हैं. अरुण सिंह उत्तर प्रदेश से वे दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए है. दूसरा कार्यकाल के लिए वे नवंबर 2020 को चुने गए, जो इसी वर्ष के नवंबर को समाप्त होने वाला है. इस लेख में हम आपको  अरुण सिंह के जीवन परिचय (Arun Singh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

अरुण सिंह जन्म और परिवार (Arun Singh Birth & Family)

अरुण सिंह का जन्म 4 अप्रैल 1965 को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के बैधा गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय विजय नारायण सिंह और माता का नाम स्वर्गीय ललिता सिंह हैं. उनके पिता एक शिक्षक और किसान थे.

उनका विवाह 20 जनवरी 1991 मीनाक्षी सिंह से हुआ. उनके तीन संतान है. एक पुत्र और दो बेटियां.

स्थायी पता : ए-57, परवाना अपार्टमेंट, मयूर विहार, फेज़-1, दिल्ली 110091 दूरभाष- मोबाइल: 9899297198, 9868181087

वर्तमान पता : 6, जीआरजी रोड, नई दिल्ली 110001 दूरभाष: 23310386, मोबाइल: 9899297198

अरुण सिंह की शिक्षा (Arun Singh Education)

अरुण सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा मिर्जापुर से प्राप्त की. बाद में, उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक किया. फिर उसके बाद उन्होंने 1988 में दिल्ली से चार्टर्ड अकाउंटेंसी का कोर्स किया. 

अरुण सिंह राजनीतिक करियर (Arun Singh Political Career)

अरुण सिंह के राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में शामिल होने से हुई. शुरुआत में उन्हें संपर्क प्रमुख का काम मिला. बाद में, वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता बने. उन्होंने वर्ष 1999 से लेकर 2004 तक भाजपा की युवा शाखा के उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष का पद संभाला. वे 2005 में निवेशक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह-संयोजक बनाये गए जबकि वर्ष 2009 में बीजेवाईएम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने 2003 में दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय युवा सम्मेलन के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस सम्मेलन का विषय था "आतंकवाद पर अंतर्राष्ट्रीय युवा सम्मेलन". इस सम्मलेन में 40 से अधिक देशों के युवाओं ने भाग लिया. इसके साथ ही उन्होंने 2003, 2008 और 2013 के छत्तीसगढ़ चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और दृष्टिकोण को बढ़ावा देने सहित मीडिया को संभालने का प्रबंधन किया था. बाद में, उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव और झारखंड विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ का प्रबंधन किया.

अरुण सिंह भारतीय जनता पार्टी के संगठन में कोर टीम में शामिल रहे है. इसी कड़ी में उन्हें 2009 से लेकर 2014 तक भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पद पर आसीन होने का अवसर मिला. सिंह वर्ष 2013 से लेकर 2014 तक ओडिशा भाजपा के राज्य सह-प्रभारी रहे और जबकि बाद में वर्ष 2014 उन्हें राज्य प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर पदोन्नत हुई. अरुण सिंह ने 16 अगस्त 2014 से लेकर 16 जून 2015 तक भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्य किया. इसके अलावे वे अमित शाह के नेतृत्व में सदस्यता अभियान के राष्ट्रीय सह-प्रभारी भी रह चुके है. इस अभियान के परिणामस्वरूप 17 जून 2015 को उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी के पद पर पदोन्नत किया गया.

 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें भारतीय जनता पार्टी द्वारा आंध्र प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया था. इससे पहले, वे राजस्थान और कर्नाटक के भाजपा प्रभारी थे, जहाँ उन्होंने पार्टी को संगठनात्मक मजबूती और स्थिरता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सिंह को 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी की शानदार जीत के पीछे एक प्रमुख चेहरा माना गया. 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी, सिंह ने ओडिशा में जमीनी स्तर पर पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) के 2020 के चुनाव के प्रभारी भी रह चुके है, जहाँ भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की.

 अरुण सिंह दिसंबर 2019 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. उसके बाद, उनका पहला संक्षिप्त कार्यकाल 2020 को जब पूरा हुआ तब नवंबर 2020 में वे दूसरे कार्यकाल के लिए भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. राज्यसभा सांसद के तौर पर उनका यह कार्यकाल 2020-26 है. उनका दूसरा कार्यकाल इसी वर्ष के 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है. अपने पहले और दूसरे कार्यकाल में वे समय-समय पर अलग-अलग समितियों के सदस्य बनाये जा चुके है. इनमें मुख्य रूप से रसायन एवं उर्वरक समिति, जल संसाधन समिति, याचिका समिति, वित्त मंत्रालय की सलाहकार समिति, सार्वजनिक उपक्रम समिति, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति, भारत-चेक गणराज्य संसदीय मैत्री समूह और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की सलाहकार समिति शामिल है. इसके अलावे वे संवैधानिक और संसदीय अध्ययन संस्थान की कार्यकारी परिषद के सदस्य भी रह चुके है. अरुण सिंह एक राज्यसभा सांसद होने के साथ ही भाजपा मुख्यालय के प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव और कार्यालय आधुनिकीकरण समिति के सदस्य भी हैं. इसके साथ ही वे पार्टी के राष्ट्रीय सदस्य कार्यक्रम समूह का नेतृत्व भी करते हैं.

अरुण सिंह की संपत्ति (Arun Singh Property)

2020 में राज्यसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार अरुण सिंह की कुल संपत्ति 11.16 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 41 लाख रूपये का कर्ज हैं.

इस लेख में हमने आपको  अरुण सिंह जीवनी (Arun Singh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

 

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