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सुनील बंसल की जीवनी | Sunil Bansal Biography in Hindi

09 मई 2026
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सुनील बंसल की जीवनी | Sunil Bansal Biography in Hindi

Sunil Bansal Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको सुनील बंसल जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.


सुनील बंसल की जीवनी (Sunil Bansal Biography in Hindi)

Sunil Bansal Latest News -  सुनील बंसल भारतीय राजनीति के वे 'साइलेंट मास्टरमाइंड' हैं, जो मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर चुनावी बिसात बिछाने के लिए जाने जाते है. वर्तमान में, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बंसल को अमित शाह का सबसे भरोसेमंद 'चुनावी इंजीनियर' माना जाता है. उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठन को लोहे की तरह मजबूत करने वाले बंसल ने पश्चिम बंगाल में वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद ममता बनर्जी सहित टीएमसी के सामान्य कार्यकर्ता को भी नहीं थी. बंगाल में भाजपा की जीत एक समय असंभव सी प्रतीत होती थी, पर आज वही असंभव न केवल संभव हुआ बल्कि जीत की रिकॉर्ड भी तोडा और इस जीत की पटकथा लिखने में सुनील बंसल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इस लेख में हम आपको सुनील बंसल के जीवन परिचय (Sunil Bansal Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

सुनील बंसल जन्म और परिवार (Sunil Bansal Birth & Family)

सुनील बंसल का जन्म 20 सितंबर 1969 को राजस्थान में हुआ था. सुनील बंसल हिन्दू है और जाति से बनिया है.

सुनील बंसल राजनीतिक करियर (Sunil Bansal Political Career)

सुनील बंसल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर की थी. छात्र रहते 1989 में हुए छात्र चुनाव में वे राजस्थान विश्वविद्यालय के महासचिव चुने गए थे. भाजपा में शामिल होने से पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि आरएसएस से भी जुड़े रहे. वहां से उन्होंने छात्र संघठन एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के राष्ट्रीय संयुक्त संगठनात्मक सचिव के पद तक का सफर तय किया. एबीवीपी में उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य किया और संगठन चलाने का अनुभव प्राप्त किया. सुनील बंसल भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में अग्रणी रहे हैं. उन्होंने 2010 से 2014 तक यूथ अगेंस्ट करप्शन (वाईएसी) के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई है. बंसल ने राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय शिक्षा प्रणाली, व्यवस्थागत सुधार आदि विषयों पर पुस्तकें और लेख लिखे हैं. 

उन्हें अमित शाह का करीबी माना जाता है. 2014 के आम चुनाव के दौरान बंसल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया था. जबकि इससे पहले वे एवीबीपी जयपुर इकाई के महासचिव के पद पर आसीन थे. संघ ने ही उन्हें उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में उतारा था. चूँकि उस समय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के इंचार्ज थे इसी कारण दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन गया. सुनील बंसल ने 2017 में हुए उत्तर प्रदेश के चुनाव में भाजपा की जीत के प्रमुख योजनाकार की भूमिका निभाई थी. इसके अलावे 2019 के आम चुनाव सहित 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत का भी सूत्रधार उन्हें माना जाता है.

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जो अकल्पनीय विजय हुई है, उसमें सुनील बंसल भी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. बंसल भले ही लोगो से दूर रहते है पर संघठन चलाने के अनुभव में वे पारंगत है. कोई भी पार्टी केवल चुनावी रैली या भाषण से नहीं जीतती बल्कि इसके लिए समय रहते जमीन तैयार करना आज के समय बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है. हालांकि आज से चार दशक पहले ये सब कोई मायने रही रखती थी पर अब चुनाव जीतना विशेषकर पूरी पार्टी को बहुमत के आकड़े तक पहुँचाना आसान काम नहीं रहा है. उत्तर प्रदेश के संघठन महामंत्री से राष्ट्रीय महासचिव बनाये जाने के बाद ही उन्हें बंगाल फतह करने के लिए जिम्मा सौप दिया गया था. वे पहले से ही अपने कुछ विश्वसनीय लोगो के साथ वहां के लगभग अपराजित से दिखने वाले दुर्ग को जीतने के लिए जमीनी रणनीति बनाने में जुट गए और परिणाम 4 मई, 2026 के दोपहर तक सबको दिख गए.

इस लेख में हमने आपको सुनील बंसल जीवनी (Sunil Bansal Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

 

 


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