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बेनीवाल ने सदन में उठाया सेना भर्ती का मुद्दा तो जोधपुर एम्स में नियम विरुद्ध हुई भर्तियों पर उठाये सवाल

06 दिसंबर 2021
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बेनीवाल ने सदन में उठाया सेना भर्ती का मुद्दा तो जोधपुर एम्स में नियम विरुद्ध हुई भर्तियों पर उठाये सवाल

Politalks.News/HanumanBeniwal. नागौर सांसद एवं RLP मुखिया हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) अक्सर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. सांसद बेनीवाल का ये अंदाज जितना संसद भवन के बाहर दिखाई देता उतना ही अंदर भी. इसी अंदाज के साथ संसद के शीतकालीन सत्र (Winter session) में सांसद बेनीवाल ने भाग लेते हुए सेना भर्तियों की परीक्षाएं करवाने एवं नई सेना भर्ती रैलियों के आयोजन का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का ध्यान आकर्षित किया. साथ ही सदन में राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संसोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा करते हुए जोधपुर एम्स (Jodhpur AIIMS) में नियम विरुद्ध हुई भर्तियों व निदेशक की कार्यशैली को … Read more

Politalks.News/HanumanBeniwal. नागौर सांसद एवं RLP मुखिया हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) अक्सर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. सांसद बेनीवाल का ये अंदाज जितना संसद भवन के बाहर दिखाई देता उतना ही अंदर भी. इसी अंदाज के साथ संसद के शीतकालीन सत्र (Winter session) में सांसद बेनीवाल ने भाग लेते हुए सेना भर्तियों की परीक्षाएं करवाने एवं नई सेना भर्ती रैलियों के आयोजन का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का ध्यान आकर्षित किया. साथ ही सदन में राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संसोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा करते हुए जोधपुर एम्स (Jodhpur AIIMS) में नियम विरुद्ध हुई भर्तियों व निदेशक की कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़े किये.

सोमवार को लोकसभा के शून्यकाल में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान में नई सेना भर्तियों के आयोजन करने व पूर्व में हो चुकी भर्तियों की लंबित परीक्षा को करवाने की मांग की. सांसद बेनीवाल ने सदन में कहा कि, ‘राजस्थान में जोधपुर सेना भर्ती कार्यालय की ओर से उदयपुर में 8 से 27 फरवरी 2021 तक प्रदेश के 11 जिलों के लिए सेना भर्ती हुई थी. जिसमें बाड़मेर, जैसलमेर, सिरोही, जोधपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़, पाली और जालौर सहित नागौर जिले के अभ्यर्थी शामिल हुए थे.’ बेनीवाल ने कहा कि, ‘इस भर्ती में ग्राउंड फिट युवाओं की लिखित परीक्षा 25 अप्रैल को होनी थी, लेकिन अब तक करीब 7 बार इस लिखित परीक्षा को स्थगित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक भी यह परीक्षा नहीं हुई है.

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सांसद बेनीवाल ने कहा कि ‘प्रदेश के जयपुर सेना भर्ती कार्यालय की ओर से जयपुर में 31 मार्च 2021 तक और कोटा सेना भर्ती कार्यालय की ओर से 11 जुलाई से 2 अगस्त 2021 तक अजमेर में सेना भर्ती रैली हुई थी. इन दोनों भर्ती की लिखित परीक्षा भी अभी तक नहीं कराई गई है. वहीं कोटा एआरओ की भर्ती में आठ जिले जिनमें अजमेर, बारां, बूंदी, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, झालावाड़, कोटा एवं राजसमंद के जिलों की भर्ती हुई. साथ ही इसी भर्ती में कुछ पदों पर पूरे प्रदेश के युवाओं ने भाग लिया था. इसी तरह जयपुर सेना भर्ती में जयपुर, सीकर और टोंक जिले के युवाओं ने भाग लिया था. लेकिन अभी तक इन तीनों सेना भर्तियों की लिखित परीक्षा नहीं कराई गई है. ऐसे में मेरी ये मांग है कि ये सभी परीक्षाएं जल्द से जल्द कराई जाए.’

सांसद बेनीवाल ने कहा कि, ‘रिक्रूटिंग वर्ष 2020 के तहत प्रदेश के पांच में से सिर्फ तीन सेना भर्ती कार्यालय जयपुर, जोधपुर और कोटा के तहत आने वाले जिलों के युवाओं की ही सेना भर्ती कराई गई. जबकि शेष दो सेना भर्ती कार्यालय अलवर और झुंझुनूं की सेना भर्ती नहीं कराई गई. जिसमें अलवर सेना भर्ती में प्रदेश के जिले भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा और अलवर के युवाओं की भर्ती नहीं हुई. वहीं झुंझूनूं सेना भर्ती कार्यालय के तहत आने वाले जिले हनुमानगढ़, गंगानगर, चुरु, झूंझुनूं और बीकानेर के युवाओं के लिए साल 2020 में सेना भर्ती नहीं कराई गई और अब साल 2021 भी खत्म होने को आया है और अभी तक भी इनकी सेना भर्ती नहीं कराई गई है. ऐसे में देश सेवा का जज्बा लिए हजारों युवा समय पर सेना भर्ती नहीं होने से ओवर एज हो चुके हैं. इसलिए इन युवाओं को कम से कम दो साल उम्र में छूट प्रदान की जाए.

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वहीं लोक सभा मे राष्ट्रीय औषध शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (सन्सोधन ) विधेयक 2021 पर हुई चर्चा मे भाग लेते सांसद बेनीवाल ने कहा कि ‘भारत वैश्विक फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है यदि सही कदम उठाए जाएँ और उपयुक्त तरीके से संपोषण किया जाए तो भारत वैश्विक फार्मास्यूटिकल बाज़ार में अग्रणी देश बन सकता है.’ बेनीवाल ने कहा कि, ‘भारत के फ़ार्मा सेक्टर मे जो समस्याएं हैं उनके समाधान पर गौर करने की ज़रूरत है क्योंकि भारत श्रमशक्ति और प्रतिभा के मामले में तो समृद्ध है, लेकिन फिर भी नवाचार अवसंरचना के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है. इसलिए सरकार को भारत के नवाचार के विकास के लिये अनुसंधान पहलों और प्रतिभा में निवेश करने की आवश्यकता है.’

सांसद बेनीवाल ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि, ‘भारत सक्रिय दवा सामग्री (API) और अन्य मध्यवर्ती सामग्रियों के लिये अन्य देशों पर बहुत अधिक निर्भर है व 80% एपीआई चीन से आयात किये जाते हैं. इसलिये भारत आपूर्ति में व्यवधान और अप्रत्याशित मूल्य उतार-चढ़ाव का शिकार होता है. इसलिए आपूर्ति को स्थिर करने के लिये आंतरिक सुविधाओं के क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे में सुधार लाया जाना आवश्यक है.’ सांसद बेनीवाल ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि, ‘दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना और प्रौद्योगिकी के उपयोग में वृद्धि करना वर्तमान समय की माँग थी और इस बड़े विजन के साथ स्वास्थ्य मंत्री यह बिल लेकर आए हैं.’ सांसद बेनीवाल ने स्वास्थ्य मंत्री से नागौर में राष्ट्रीय स्तर का फार्मा संस्थान खोलने की भी मांग की.

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नकली दवाओं के बढ़ते व्यापार का जिक्र करते हुए सांसद बेनीवाल ने कहा कि, ‘आज नकली दवाओं का बढ़ता कारोबार बहुत बड़ी चिंता का विषय है.’ बेनीवाल ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि, ‘दवा का नकली कारोबार का कोरोना जैसे संकट काल में नकली रेमडेसिविर बेचने वाली सूरत की गैंग से खुलासा हुआ है. कोरोना की दूसरी लहर में आरोपी एक लाख से ज्यादा नकली इंजेक्शन पूरे देश मे विक्रय कर चुके थे.’

वहीं सांसद बेनीवाल ने 13 फ़रवरी 2021 को एक समाचार चैनल की खबर के हवाले से कहा कि, ‘विश्व स्वास्थ्य संघठन ने कहा है कि भारत में कोरोनावायरस के नाम पर नकली दवाएं बड़े पैमाने पर बिक रही हैं. उसका कहना है कि घटिया केमिकल, बहुत कम केमिकल या बगैर जरूरी केमिकल के ही बनाई गई दवाओं के साथ ही एक्सपायर्ड दवाओं का कारोबार भी बढ़ रहा है.’ उन्होंने कहा कि ‘भारत समेत लोअर और मिडिल इनकम आय वाले देशों में नकली दवाओं का कारोबार 30 अरब डॉलर तक पहुंच गया है जो चिंताजनक है इसलिये कड़े कानून की जरूरत है.

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हनुमान बेनीवाल ने सदन में कहा कि, ‘फार्मासिस्ट हेल्थ केयर सिस्टम में डॉक्टर व मरीज के मध्य संयोजक की कड़ी माना जाता है. ऐसे में उनके स्थाई रोजगार,सरकारी चिकित्सा संस्थानों में उनकी पद वृद्धि व सरकारी संस्थानों में उनकी अनिवार्य उपलब्धता को लेकर राज्य पालना करे इसकी सुनिश्चितता करने की जरूरत है.’ तो वहीं नागौर सांसद ने एम्स जोधपुर के निदेशक की कार्यशैली पर भी सदन में सवाल उठाये.

सांसद ने कहा कि, ‘पिछले कुछ वर्षों में एम्स जोधपुर में संविदा आधारित भर्तियो में भारी गड़बड़ियों हुई है जिसकी जांच करवाई जाए.’ सांसद बेनीवाल ने एम्स अस्पताल के चिकित्सक द्वारा आत्महत्या कर लेने तथा कोरोना में एम्स में हुई सर्वाधिक मौतों पर भी केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित किया.

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