बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने पिछली बार सीएम ममता बनर्जी को हराया था, इस बार फिर से प्रदर्शन दोहराने की तैयारी लेकिन ममता ने भी चुनौती स्वीकारी
Mamata Banerjee vs Suvendu adhikari: देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही चुनावी सरगर्मियां शुरू हो चुकी हैं. इस सूची में पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा राज्य है और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) बनाम भारतीय जनता पार्टी की जंग एवं परिणाम का सभी को इंतजार है. तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की कुल 294 सीटों में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए मनौविज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली है. अन्य 3 सीटें सहयोगी बीजीपीएम को दी हैं. यहां का सबसे बड़ा मुकाबला भवानीपुर में होने जा रहा है. यहां सीएम ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ रही हैं जिनका सामना बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा.
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2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को करीब 1900 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया था. बाद में ममता ने भवानीपुर से उप चुनाव जीता था. इस बार सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से टिकट दिया गया है. वजह है कि सुवेंदु पहले की तरह ममता को इस बार भवानीपुर से मात दें. हालांकि ममता इस बार सीधे-सीधे दो-दो हाथ करने की तैयारी में हैं.
वजह है दीदी के साख की. पिछले 13 सालों से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कब्जा जमाए ममता बनर्जी अगर इस बार फिर से सीएम बनती हैं तो वे लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी. वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी. जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है. हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल में मुख्यमंत्री पद पर रही थीं.
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दूसरी तरफ, शुभेंदु कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे. लंबे समय तक वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और राज्य की राजनीति में उनका बड़ा प्रभाव रहा. पिछले विधानसभा चुनाव से ऐन वक्त पहले शुभेंदु ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को करीब 1900 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर भी कर दिया था, लेकिन टीएमसी ने बहुमत में बीजेपी को चारों खाने चित्त कर दिया.
इस बार पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा होने जा रहे हैं. पहला चरण का चुनाव 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोटिंग होगी. दूसरा चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. 4 मई को पश्चिम बंगाल की सत्ता का फैसला होगा.
बीजेपी फिर से शुभेंदु पर दांव खेलते हुए पिछला प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद लगाए बैठी है. यही वजह है कि अधिकारी को ममता के सामने भबानीपुर से भी उतारा गया है. केंद्र की नीतियों से खफा ममता बनर्जी इस बार दोगुने जोश के साथ मैदान में उतर रही हैं और माना जा रहा है कि इस बार अधिकारी की उनके सामने चलता पिछली बार जितना आसान नहीं होने वाला है.
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा यही है कि ममता ने इस बार खुद शुभेंदु की चुनौती स्वीकार की है. अब मुकाबला टक्कर का होने वाला है. अब देखना यही होगा कि शुभेंदु एक बार फिर ममता पर भारी पड़ते हैं या फिर दीदी अपने ही शार्गिद से पिछली हार का बदला लेने में कामयाब हो पाती है.










