‘यह हक है, एहसान नहीं…’- महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी ने लगाई लताड़

सदन के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर मांगा विपक्ष का साथ, बोले – आपको दे रहा हूं क्रेडिट का ब्लैंक चेक, फोटो भी छपवा देंगे..

संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल यानी महिला आरक्षण बिल पर अपने विचार रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को ‘हक’ बताया और विपक्ष को खुलकर ‘क्रेडिट’ लेने की पेशकश की. पीएम मोदी ने साफ कहा कि महिला आरक्षण कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है. उन्होंने कहा, ‘महिलाएं कहती हैं कि झाड़ू पोंछा वाले काम में तो जोड़ देते हो, अब हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ो. राजनीतिक जीवन में जो लोग प्रगति चाहते हैं, उनको ये मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25-30 सालों में लाखों बहनें ग्रास रूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं.’

पीएम ने महिला आरक्षण बिल पर कहा- हम उस भ्रम में न रहें कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. यह उनका हक है. हमने तीन दशकों से इसे रोक रखा है. आज उस पाप से मुक्ति पाने का मौका है. उन्होंने आगे कहा कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है. अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा लेकिन जो आज विरोध करेंगे, उसे लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी.’

यह भी पढ़ें: सरकार पंचायत-निकाय चुनाव तक तो नहीं करा सकी, परिसीमन क्या कराएगी: टीकाराम जूली

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.

विलंब न करें..यही समय की मांग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दिनों जब 2023 में हम चर्चा कर रहे थे, तब हर कोई कह रहा था कि जल्दी करो. 2024 में लागू करना संभव नहीं था. 2029 में अवसर है. समय की मांग है कि हम ज्यादा विलंब न करें. 21वीं सदी में भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. विश्व में भी आज भारत की स्वीकृति महसूस कर रहे हैं. पिछले 25-30 साल पहले महिलाएं बोलती नहीं थीं, आज वो वोकल हैं. ये हमारे पास गौरव का पल है. विकसित भारत के नीति निर्धारण में सबका साथ सबका विकास समाहित है.’

देश की दशा-दिशा तय करेगा बिल

पीएम ने कहा, ‘देश की 50 फीसदी जनसंख्या नीति निर्धारण का हिस्सा बने, ये समय की मांग है. जो राजनीतिक दिशा में ही सोचते हैं उन्हें सलाह देना चाहता हूं कि हमारे देश में जबसे महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब जब चुनाव आए, महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को देश की महिलाओं ने माफ नहीं किया. उनका हाल बुरे से बुरा किया है.’ उन्होंने कहा कि कहा कि हम सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें. मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वो देश की दशा और दिशा भी तय करने वाला है.