राजस्थान की राजधानी में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान योजना भवन के बेसमेंट से 2.31 करोड़ रुपये नकद और करीब एक किलो सोना बरामद होने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) के एक अधिकारी की गिरफ्तारी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद सियासत तेज हो गई थी। तत्कालीन विपक्ष में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरे प्रकरण को प्रदेश में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक बताते हुए तत्कालीन सरकार पर तीखे हमले किए थे।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अब सूबे की मौजूदा भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सीधे सवाल दागते हुए इस मुद्दे को दोबारा हवा दे दी है। सांसद बेनीवाल ने आरोप लगाया है कि जो भाजपा विपक्ष में रहते हुए इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर रही थी, वह सत्ता की कमान हाथ में आते ही इस संवेदनशील मामले पर पूरी तरह मौन धारण कर चुकी है। उन्होंने सरकार की इस चुप्पी पर गहरा संदेह व्यक्त किया है।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मुख्यमंत्री से सीधे जवाब मांगते हुए कहा कि राजस्थान की जनता अब सच जानना चाहती है। उन्होंने सरकार के सामने कई तीखे सवाल रखते हुए पूछा है कि आखिर उस लावारिस नकदी और सोने का असली मालिक कौन था और इसके पीछे कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल थे? उन्होंने यह भी पूछा कि जांच एजेंसियां अब तक किस निष्कर्ष पर पहुंची हैं और भाजपा सरकार बनने के बाद इस मामले पर सन्नाटा क्यों पसर गया है? बेनीवाल ने सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का संदेह जताते हुए स्पष्ट पूछा कि आखिरकार किन लोगों को













