Rajasthan: जयपुर के प्रतापनगर में फूड स्टॉल संचालिका रेशू गुप्ता के साथ हुई घटना को लेकर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, पूर्व विधायक गंगा देवी सहित कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा. मुलाकात के बाद जूली ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वीआईपी मूवमेंट के नाम पर गरीबों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गरीब होना अपराध है और क्या गरीबों के जीवन व भावनाओं का कोई महत्व नहीं है?
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद आम आदमी की तरह चलने और वीआईपी संस्कृति से दूरी बनाने की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में बुरी तरह झुलसी रेशू गुप्ता और उसके परिवार को अब तक न तो कोई मुआवजा मिला है और न ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। जूली ने कहा कि घटना को एक सप्ताह बीत चुका है, फिर भी सरकार ने पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली. उन्होंने मांग की कि रेशू गुप्ता को उचित मुआवजा, बेहतर उपचार और न्याय दिलाने के लिए सरकार तुरंत कदम उठाए.
बता दें राजधानी जयपुर के जगतपुरा स्थित रामनगरिया इलाके में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले के दौरान सड़क किनारे लगे फूड कार्ट को हटाने की पुलिस कार्रवाई विवादों में घिर गई है. पीड़िता रेशु गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बिना कोई समय दिए जबरन उनका फूड कार्ट हटाने का प्रयास किया, जिससे कार्ट पर रखा खौलता पानी उसके शरीर पर गिर गया और वह गंभीर रूप से झुलस गई. रेशु ने बताया कि उसकी छाती का एक हिस्सा बुरी तरह जल गया है और घटना के चार दिन बाद भी आरोपित पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. भावुक होते हुए उसने कहा कि उसकी अभी शादी नहीं हुई है और अब वह अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित है। पीड़िता के परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है.

















