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'ढाई साल में एक भी बड़ा प्रोजेक्ट नहीं, क्रेडिट की राजनीति छोड़िए '-जूली ने भजनलाल सरकार से मांगा हिसाब

24 जून 2026
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'ढाई साल में एक भी बड़ा प्रोजेक्ट नहीं, क्रेडिट की राजनीति छोड़िए '-जूली ने भजनलाल सरकार से मांगा हिसाब

भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का तीखा हमला, पूछा- 'एक भी मौलिक प्रोजेक्ट धरातल पर क्यों नहीं?'

Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भजनलाल सरकार की कार्यप्रणाली और विकास के दावों पर चौतरफा हमला बोला है. सरकार के ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर तीखा रुख अख्तियार करते हुए जूली ने सीधे मुख्यमंत्री से उनके कार्यकाल का हिसाब मांगा है. उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता संभाले ढाई साल का लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन आज भी प्रदेश की जनता एक अदद ऐसी बड़ी परियोजना देखने को तरस रही है जिसे इस मौजूदा सरकार ने खुद शुरू किया हो और उसे पूरा करके दिखाया हो. धरातल पर नए विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं.

विज्ञापनों और बैठकों से नहीं चलती सरकार, जनता को मिले जवाब

सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को यह समझना होगा कि सरकारें केवल विज्ञापनों की चमक और बंद कमरों की बैठकों से नहीं चलती हैं. सूबे की जनता को आज यह जानने का पूरा हक है कि पिछले ढाई साल में ऐसी कौन सी मौलिक योजना या प्रोजेक्ट है जो इस सरकार की अपनी सोच से शुरू हुआ हो और धरातल पर मुकम्मल हुआ हो. आज पूरा राजस्थान सिर्फ खोखले वादों और प्रशासनिक शिथिलता के फेर में फंसा हुआ है, जिससे विकास की रफ्तार पूरी तरह थम गई है.

चुनावी जुमला साबित हुए यमुना जल समझौता और ERCP

पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी के सबसे संवेदनशील पानी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जूली ने कहा कि सरकार बनते ही यमुना जल समझौते और ईआरसीपी (ERCP) को लेकर जो बड़े-बड़े दावे किए गए थे, ढाई साल बाद उनकी हवा पूरी तरह निकल चुकी है.  बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर श्रेय लेने की जो जल्दबाजी दिखाई गई थी, आज उसका सच जनता के सामने है. इतने लंबे समय के बाद भी न तो यमुना का पानी शेखावाटी तक पहुंचा और न ही पूर्वी राजस्थान को उसका हक मिला. प्यासी जनता आज भी पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और ये दोनों मुद्दे सिर्फ राजनीतिक और चुनावी जुमले बनकर रह गए हैं.

पचपदरा रिफाइनरी कांग्रेस की दूरगामी सोच का परिणाम, फीता काटने की हो रही तैयारी

पचपदरा में आगामी रिफाइनरी लोकार्पण को लेकर टीकाराम जूली ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए रिफाइनरी का शुरू होना बेहद सुखद और स्वागत योग्य कदम है. लेकिन वर्तमान सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट पूरी तरह से कांग्रेस सरकार की दूरगामी सोच और मेहनत का परिणाम है. रिफाइनरी के रूप में जो औद्योगिक ढांचा आज खड़ा हुआ है, वह देश और प्रदेश के विकास के लिए कांग्रेस का ऐतिहासिक योगदान है. वर्तमान सरकार सिर्फ इसका फीता काटने की तैयारी कर रही है, जबकि इसकी मजबूत नींव कांग्रेस ने रखी थी.

क्रेडिट लेने की सियासत छोड़ अपनी लकीर बड़ी करे सरकार: जूली

कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कड़े शब्दों में नसीहत देते हुए कहा कि इस सरकार की पूरी ऊर्जा केवल कांग्रेस शासनकाल के प्रोजेक्ट्स का नाम बदलने, उनकी री-ब्रांडिंग करने और क्रेडिट चुराने में ही बर्बाद हो रही है. सरकार के पास न तो अपनी कोई विजन है और न ही प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट रोडमैप. दूसरों के किए गए कामों पर अपनी पीठ थपथपाने की राजनीति अब बंद होनी चाहिए. ढाई साल का समय बहुत होता है; अब वक्त आ गया है कि मुख्यमंत्री जी दूसरों के कामों का श्रेय लेने के बजाय अपनी खुद की कोई बड़ी लकीर खींचकर दिखाएं और जनता को बताएं कि उनकी अपनी कौन सी नीति ने राजस्थान के विकास को नई दिशा दी है.

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