स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी संग्राम में बदलता नजर आ रहा है. कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद विवाद और तेज हो गया है. वहीं अब ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज और पश्चिम बंगाल से बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी ने भी सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
चित्तौड़गढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दशकों बाद बंकिम बाबू के अमर गीत को फिर सम्मान मिल रहा है, लेकिन यह बात सोनिया गांधी को रास नहीं आई. शाह ने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति ‘वंदे मातरम’ के गायन को अधूरा छोड़ने के बारे में सोच भी कैसे सकता है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं से देश की जनता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति से माफी मांगने की बात कही.
बीजेपी अब इस पूरे विवाद को राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सम्मान
के मुद्दे से जोड़कर कांग्रेस पर हमलावर है. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों
में यह मुद्दा और राजनीतिक तूल पकड़ सकता है.
बंकिम चंद्र के वंशज ने सोनिया को लिखा पत्र
विवाद के बीच ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी
ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर घटना पर नाराजगी जाहिर की.
उन्होंने इसे केवल दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं, बल्कि इतिहास की एक पुरानी गलती की शर्मनाक पुनरावृत्ति बताया. चटर्जी ने कहा कि राष्ट्रगीत के गायन में किसी तरह की आपत्ति या उसे रोकने का प्रयास स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है. उन्होंने सोनिया गांधी से देश की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
सोनिया गांधी के खिलाफ FIR से बढ़ा विवाद
मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है. कर्नाटक के मंगलुरु में बीजेपी नेता विकास पुत्तूर ने सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का दावा किया है. विकास पुत्तूर ने कहा कि यदि कर्नाटक सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है तो वह हाईकोर्ट का रुख करेंगे. हालांकि इस कार्रवाई के कानूनी प्रभाव और आगे की प्रक्रिया पर तस्वीर अभी साफ होना बाकी है.
आखिर कांग्रेस मुख्यालय में हुआ क्या था?
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस मुख्यालय
में ‘वंदे मातरम’ के गायन का वीडियो सोशल मीडिया
पर सामने आया. बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत के सभी अंतरों के
गायन पर आपत्ति जताई और इसे बीच में रोकने का संकेत दिया.
कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. पार्टी
की ओर से कहा गया कि गायन रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था. कांग्रेस महासचिव
जयराम रमेश ने सफाई देते हुए कहा कि सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन
खड़गे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे.
यानी एक ही वीडियो को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के दावे बिल्कुल
अलग हैं. बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के अपमान के तौर पर देख रही है, जबकि कांग्रेस इसे
गलत तरीके से पेश किया गया सामान्य घटनाक्रम बता रही है.
‘वंदे मातरम’ पर सियासत का नया दौर?
‘वंदे मातरम’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रवादी चेतना से गहराई
से जुड़ा रहा है. यही वजह है कि इससे जुड़ा कोई भी विवाद तेजी से राजनीतिक बहस का रूप
ले लेता है.
अमित शाह के बयान, बंकिम चंद्र के वंशज की नाराजगी और सोनिया
गांधी के खिलाफ एफआईआर के बाद बीजेपी के लिए यह मुद्दा कांग्रेस को घेरने का नया राजनीतिक
हथियार बन सकता है. वहीं कांग्रेस के सामने चुनौती है कि वह इस विवाद को राष्ट्रगीत
के सम्मान से जुड़े सवाल से अलग रखते हुए अपने पक्ष को मजबूती से जनता के सामने रखे.
फिलहाल ‘वंदे मातरम’ विवाद ने स्वतंत्रता दिवस
के उत्सव को एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल दिया है और आने वाले दिनों में इसके और
गरमाने के आसार हैं.












