रोमांचक हुआ बंगाल का सियासी घमासान, टीएमसी-बीजेपी की कांटे की टक्कर के बीच शिवसेना की हुई एंट्री

'बहुत वक्त से जिस खबर का इंतजार था, पार्टी प्रमुख श्री उद्धव ठाकरे से चर्चा के बाद, शिवसेना ने पश्चिम बंगाल चुनाव लड़ने का फैसला किया है, हम जल्द ही कोलकाता पहुंच रहे हैं जय हिंद, जय बंगाल'- संजय राउत

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Politalks.News/WestBengalElection अगले कुछ महीनों बाद अप्रेल-मई में होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश का सियासी पारा अभूतपूर्व रूप से चढ़ गया है. एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी ममता की टीएमसी बंगाल में जहां पूरी ताकत के साथ मैदान में है, वहीं AIMIM ने बंगाल में चुनाव लड़ने की पहले ही घोषणा कर चुकी है, तो अब शिवसेना ने भी बंगाल चुनाव में एंट्री कर ली है. जी हां शिवसेना ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीटर के जरिए घोषणा करते हुए कहा कि, “बहुत वक्त से जिस खबर का इंतजार था, पार्टी प्रमुख श्री उद्धव ठाकरे से चर्चा के बाद, शिवसेना ने पश्चिम बंगाल चुनाव लड़ने का फैसला किया है, हम जल्द ही कोलकाता पहुंच रहे हैं जय हिंद, जय बंगाल.”

गौरतलब है कि बंगाल में टीएमसी ने वाम मोर्चा और कांग्रेस से बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का साथ देने की अपील की थी लेकिन दोनों दलों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी जोर-शोर के साथ चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है. इस बीच अब देखना होगा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन में महाराष्ट्र विकास अघाडी की सरकार चलाने वाली शिवसेना बंगाल में भी कांग्रेस से हाथ मिलाती है या नहीं.

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आपको बता दें, ऐसा पहली बार नहीं है कि जब पश्चिम बंगाल में शिवसेना चुनावी मैदान में उतरने जा रही है. इससे पहले 2019 में भी शिवसेना लोकसभा चुनावों में अपने उम्मीदवारों को उतार चुकी है. वहीं इससे पहले शिवसेना 2016 में भी बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है. 2019 के आम चुनावों मे शिवसेना ने 15 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारा था. इसमें तमलुक, कोंटई, मिदनापुर, उत्तरी कोलकाता, पुरुलिया, बराकपोर, बांकुरा, बारासात, बिष्णुपुर, उत्तरी मालदा, जाधवरपुर जैसी सीटें शामिल थीं. इसके अलावा 2016 में शिवसेना ने 18 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारा था.

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ऐसे में अब एक बार फिर शिवसेना के चुनावी ऐलान के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है. बंगाल चुनावों में भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर, तृणमूल को उखाड़ फेंकने की कोशिश में है ऐसे में राज्य विधानसभा चुनावों का ये मुकाबला कांटे की टक्कर वाला साबित हो सकता है. ऐसे में शिवसेना, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और कांग्रेस- वाम दलों के गठबंधन के चलते विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प साबित होने वाला है. बता दें, असदुद्दीन ओवैसी पहले ही चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुके हैं और वहां उन्होंने चर्चित मुस्लिम नेता अब्बासुद्दीन सिद्दकी से मुलाकात की थी.

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