वीडियो खबर: मंडावा उपचुनाव में नरेंद्र खींचड़ ने किया जीत का दावा

किसी जमाने में कांग्रेस (Congress) का गढ़ मानी जाने वाली मंडावा विधानसभा (Mandawa Assembly) सीट से लगातार दो विधानसभा चुनाव जीतने वाले बीजेपी के नरेंद्र खींचड़ (Narendra Khichar) 2019 के आम चुनावों में झुंझुनू से सांसद चुनकर लोकसभा पहुंच गए. अब इस सीट पर 21 अक्टूबर को उप चुनाव होना है. कांग्रेस की ओर से खींचड़ से हारने वाली रीटा सिंह (Reeta Singh) को टिकट मिल सकता है. खींचड़ के लोकसभा पहुंचने का फायदा रीटा सिंह को मिल सकता है.

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वीडियो खबर: राजनीतिक नियुक्तियों में कितनी चलेगी पायलट की

राजस्थान (Rajasthan) में BSP के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से गहलोत मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की अटकलों पर विराम लग गया है. प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने साफ किया है कि निकाय चुनाव से पहले अगले एक माह में राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी. अब देखना ये होगा कि इन राजनीतिक नियुक्तियों में प्रदेश के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) की प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते कितनी चलती है.

बड़ी खबर: गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार टला, राजनीतिक नियुक्तियां अगले एक माह में

खींवसर और मंडावा विधानसभा उपचुनाव सत्तारुढ़ कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती, उम्मीदवार सक्रिय

Rajasthan By-Election

केन्द्रीय चुनाव आयोग की हरियाणा-महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के साथ अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राजस्थान की खींवसर और मंडावा सीट पर होने वाले उप-चुनाव के लिए भी बिगुल बज गया है. अन्य राज्यों के साथ ही प्रदेश की दोनों विधानसभा सीटों के लिए भी 21 अक्टूबर को ही उप-चुनाव होगा. प्रदेश में होने वाले निकाय और पंचायत चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के लिए ही खींवसर और मंडावा विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करना प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है. इन उपचुनाव में जितने वाली पार्टी को उसके बाद होने वाले निकाय व पंचायत चुनावों में इसका फायदा मिलना … Read more

बसपा की बैठक में जमकर चले लात-घूंसे, प्रदेश महासचिव का सिर फोड़ा

बहुजन समाज पार्टी के छः विधायकों के अपनी पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की रविवार को जयपुर में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में जमकर हंगामा हुआ. हंगामा इतना जोरदार हुआ कि कार्यकर्ताओं के दो गुटों में आपस में गाली-गलौच के साथ जमकर लात-घूंसे चले. यहां तक कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सरिये से बसपा प्रदेश महासचिव प्रेम बारूपाल का सिर फाड़ दिया. इस संदर्भ में सिंधी कैम्प थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है.

बसपा के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर राम जी गौतम की अध्यक्षता में पार्टी ने रविवार को जयपुर कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई थी. इसमें हाल ही में पार्टी के छः विधायकों के कांग्रेस में जाने के बाद कार्यकर्ताओं को बूस्टअप करने के साथ ही आगामी सियासी समीकरण पर चर्चा होनी थी. बैठक में बसपा के तय एजेंडे को छोड़कर जो हुआ वो अकल्पनीय रहा. बैठक की शुरुआत में ही कार्यकर्ताओं के आक्रोश के चलते हंगामा होने लगा. अधिकांश कार्यकर्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप जड़ दिया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी प्रेशर के चलते विधायक कांग्रेस में शामिल हुए हैं.

सूत्रों की मानें तो बैठक शुरू होते ही कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों के समर्थक रहे कई कार्यकर्ताओं ने बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक रामजी गौतम, प्रदेश प्रभारी भगवान सिंह बाबा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. बैठक में पूरण परनामी सहित अन्य कार्यकर्ताअाें ने पार्टी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. उनका कहना था कि बसपा के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताअाें की सुनवाई नहीं हाे रही है. पार्टी द्वारा टिकट देते समय कार्यकर्ता या लाेकल पदाधिकारी से बात तक नहीं की जाती है. बसपा, पार्टी काे गालियां देने वालाें काे रुपए लेकर टिकट देती है, इससे कार्यकर्ता की उपेक्षा हाेती है. पार्टी सुप्रीमाे मायावती तक कार्यकर्ताओं का सही संदेश नहीं पहुंचाया जाता है.

इसके बाद दूसरे पक्ष के कार्यकर्ता पूरण परनामी और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं का विरोध करने लगे जिससे मामला बढ़ गया और दोनों ओर से कुर्सियां फेंकनी शुरू हो गई. देखते ही देखते दोनों गुटों में गाली-गलौच के साथ लात-घूंसे चलने लगे. इसी बीच कुछ लोग सरिये लेकर आए और प्रदेश महासचिव बारूपाल पर वार कर दिया. बसपा के नेशनल काेर्डिनेटर रामजी गौतम, हरि सिंह, विजय प्रताप अाैर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा से भी हाथापाई की गई. सिर में चाेट लगने से प्रेम बारूपाल घायल हाे गए. इससे बैठक में अफरा-तफरी मच गई.

बसपा नेताओं की सूचना पर सिंधी कैम्प थाना पुलिस मौके पर पहुंची. बाद में पुलिस की मौजूदगी में बैठक हुई. वहीं घायल प्रदेश महासचिव बारूपाल का प्राथमिक उपचार करवाया गया. बारूपाल ने प्रदेश अध्यक्ष सीतराम मेघवाल के साथ जाकर सिंधी केंप पुलिस थाने में पूरण परनामी, विजेंद्र बंटी, राजेंद्र बुनकर सहित करीब एक दर्जन पूर्व पदाधिकारी व कार्यकर्ताअाें पर हंगामा व मारपीट के केस दर्ज कराए.

इस संदर्भ में बहुजन समाज पार्टी के नेशनल काेर्डिनेटर रामजी गौतम ने कहा कि पार्टी से निष्कासित कुछ नेताओं ने विवाद खड़ा किया. इनमें से कुछ लाेग दूसराें के इशारे पर विवाद खड़ा करने अाए थे. उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करवाई जा रही है. वहीं पू्र्व प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा कि कुछ लाेगाें ने माहाैल खराब करने की काेशिश की, जिन्हें बसपा कार्यकर्ताअाें ने कार्यालय से बाहर खदेड़ दिया. गौरतलब है कि बसपा में भ्रष्टाचार और पैसे लेकर सेवा करने के आरोप पहले से लगते आ रहे हैं. हाल ही में बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक राजेन्द्र गुढ़ा ने विधानसभा के बजट सत्र में कहा था कि बसपा सुप्रीमो मायावती के राज में बगैर पैसा दिए कोई पद और टिकट नहीं मिलता है.

वीडियो खबर: ‘हार के डर से जोशी ने किया हंगामा’, डूडी ने साधा गहलोत सरकार पर निशाना

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) और RCA अध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi ) में ठन गई है. RCA कार्यालय में चुनाव पर्यवेक्षक टी. कृष्णमूर्ति और सह पर्यवेक्षक के.जे. राव के समक्ष रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) ने जोशी पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया. साथ ही गहलोत सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पुलिस के दम पर आरसीए चुनाव टालना चाहती है. बढ़ते हंगामे के बची कृष्णमूर्ति और राव ये कहकर वहां से चले गए कि यहां चुनाव कराने का कोई माहौल नहीं है. गहलोत और जोशी वैभव गहलोत को आरसीए अध्यक्ष बनाना चाहते हैं.

महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को होंगे विधानसभा चुनाव, 24 को आएंगे नतीजे

केंद्रीय चुनाव आयोग ने दो राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा (CEC Sunil Arora) ने जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र (Maharastra) और हरियाणा (Haryana) में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव (Assembly Election-2019) संपन्न होंगे. दोनों राज्यों की कुल 378 सीटों पर एक चरण में विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे. नोटिफिकेशन 27 सितम्बर को जारी होगा. नामांकन की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर और नामांकन वापसी 7 अक्टूबर तक है. वोटिंग की काउंटिंग और परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे. इसी के साथ अब आचार संहिता लागू हो गई. इसके साथ ही राजस्थान (Rajasthan) की … Read more

RCA विवाद: डूडी ने सीपी जोशी पर लगाए सरकारी संरक्षण में गुंडागर्दी के गम्भीर आरोप

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के होने वाले चुनाव को लेकर अब कांग्रेस (Congress) के अपनी ही पार्टी के नेताओं के बीच बड़ी वाली ठन गई है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) ने RCA अध्यक्ष सीपी जोशी (CP Joshi) और उनके लोगों पर शुक्रवार को RCA कार्यालय में चुनाव पर्यवेक्षक टी कृष्णमूर्ति और सह पर्यवेक्षक के.जे. राव के समक्ष गुंडागर्दी करने और हंगामा करने का गम्भीर आरोप लगाया. जिसके कारण दोनों चुनाव अधिकारी RCA से चले गए. वहीं डूडी ने अपनी ही गहलोत सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार पुलिस के दम पर RCA के चुनाव टालना चाहती है, क्योंकि उन्हें हारने के डर है.

हाल ही में BCCI ने पिछले चार वर्षों से RCA पर चला आ रहा प्रतिबंध हटाया है. जिसके बाद BCCI ने देश के सभी राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को अपने राज्य में चुनाव कराने के निर्देश दिये हैं. जिसके तहत राजस्थान में चुनाव आयोग के पूर्व अध्यक्ष टी कृष्णमूर्ति को चुनाव पर्यवेक्षक और के.जे .राव सह पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. चुनाव पर्यवेक्षक कृष्णमूर्ति चुनावी प्रकिया के तहत गुरूवार को आरसीए कार्यालय पहुंचे जहां सभी जिला एसोसिएशन के वकीलों ने अपने-अपने जिले का उनके सामने पक्ष रखा एवं आपत्तियां दर्ज करवाई. इसी बीच आरसीए सचिव आर एस नांदू गुट ने वैभव गहलोत के राजसमंद जिला क्रिकेट संघ से कोषाध्यक्ष चुने जाने को लेकर पर्यवेक्षक कृष्णमूर्ति के समक्ष अपनी आपत्ति जताई.

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शुक्रवार को चुनाव अधिकारी टी एस कृष्णमूर्ति चुनाव प्रक्रिया के तहत दर्ज हुई आपत्तियों पर सुनवाई और फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने के लिए RCA कार्यालय पहुंचे. जहां ये फैसला होना था कि राजसमंद जिला क्रिकेट एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष पद पर वैभव गहलोत की नियुक्ति वैध है या अवैध है. इस पर रामेश्वर डूडी ने आरोप लगाया कि जब चुनाव पर्यवेक्षक टी कृष्णमूर्ति और सह पर्यवेक्षक के.जे .राव लोगों से आपत्तियां सुन रहे थे तब बड़ी संख्या में सीपी जोशी के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और जोरदार हंगामा मचाया. जिसके बाद कृष्णमूर्ति और जे.जे. राव दोनों यह कहते हुए जयपुर छोड़कर चले गए कि यहां पर चुनाव कराने का माहौल नहीं है.

RCA में हुए इस हंगामे के बाद कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी अपने जयपुर आवास पर एक प्रेस कांफ्रेस बुलवाई जहां डूडी ने सीपी जोशी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज का हंगामा सुनियोजित था, सरकारी तंत्र का दुरूपयोग किया जा रहा है आज जो हुआ वो राजस्थान क्रिकेट के लिए काला धब्बा है. डूडी ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी सरकार के साथ मिलकर राजस्थान में क्रिकेट का गला घोंटना चाहते हैं, इसीलिए इस तरह की गुंडागर्दी की जा रही है.

सीपी जोशी पर आरोप लगाते हुए डूडी ने कहा कि प्रदेश में हजारों खिलाडी बेकार बैठे हुए हैं लेकिन ये हठधर्मिता से बैठे हुए है, इन्हे खिलाडियों के भविष्य कि चिंता नहीं है. राजस्थान के खिलाडी खुद को असहाय महसूस कर रहें है. ऐसे में सीपी जोशी की जिम्मेदारी बनती है आरसीए के निष्पक्ष चुनाव करवाने की, हम भी चाहते हैं कि आरसीए के निष्पक्ष चुनाव हों और बीसीसीआई के आदेशों की पालना हो.

गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए हुए रामेश्वर डूडी ने कहा कि सरकार को चुनाव अधिकारियों को प्रोटेक्शन देनी चाहिए थी, साथ ही बीसीसीआई के दिशा निर्देशों को मानना चाहिए. राजस्थान की क्रिकेट को उचाइयों पर पहुंचाना हमारा दायित्व है.

RCA अध्यक्ष का चुनाव लडने के पत्रकारों के सवाल पर रामेश्वर डूडी ने कहा कि अगर जिला क्रिकेट संघ निर्णय लेंगे तो मैं चुनाव लडूंगा. वैभव गहलोत के सामने चुनाव लडने के सवाल पर उन्होंने फिर दोहराया कि जिला क्रिकेट संघ चाहेंगे तो मैं चुनाव जरूर लडूंगा फिर सामनें चाहे काई भी हो.

हमेशा विवादों में रहने वाला राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है. राजस्थान में आरसीए के चुनाव को लेकर इन दिनों कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की बीच जंग छिडी हुई है. एक तरफ लोकसभा में मिली करारी हार के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने बेटे का खोया हुआ ‘वैभव’ वापस लाना चाहते हैं तो वहीं राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष व वर्तमान आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी येन-केन प्रकारेण मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव गहलोत को निर्विरोध RCA के अध्यक्ष पद पर पदासीन करवाने पर आमादा हैं. मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव गहलोत को RCA अध्यक्ष बनाने की मुहिम के बाद से ही सीपी जोशी और रामेश्वर डूडी के बीच झगड़ा चल रहा है जो अब अपने चरम पर है.

गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार टला, राजनीतिक नियुक्तियां अगले एक माह में

राजस्थान में बसपा के सभी छः विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से गहलोत मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल की अटकलों पर विराम लग गया है. शुक्रवार को प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने साफ किया है कि फिलहाल निकाय चुनाव से पहले कोई विस्तार नहीं होगा. निकाय चुनाव में मंत्रियों और विधायकों की परफॉर्मेंस के आधार पर ही उन्हें पदोन्नत या पदमुक्त किया जाएगा. वहीं निकाय चुनाव से पहले अगले एक माह में राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी. पाण्डे ने बताया कि प्रदेश में ब्लॉक स्तर तक एक लाख से ज्यादा पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्ति देकर सत्ता में भागीदार बनाया जाएगा.

बसपा छोड़ कांग्रेस में आये विधायकों को राजनीतिक नियुक्ति में शामिल करने या उन्हें मंत्री बनाए जाने पर अविनाश पांडे ने कहा कि वे बिना शर्त पार्टी में शामिल हुए हैं. अगर सरकार को जरूरत होगी, तो उन्हें भूमिका दी जा सकती है. यह मुख्यमंत्रीजी का विशेषाधिकार है. पांडे ने यह भी साफ कहा कि बसपा विधायकों को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति के बाद ही शामिल किया गया है.

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जानकारों की मानें तो पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले निर्देश के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा सत्ता और संगठन में तालमेल बिठाने की कोशिश की जा रही है. इसी के चलते अब सत्ता और संगठन प्रदेश में बड़े स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियां देने की तैयारी में जुट गए हैं. जिसके तहत प्रदेश के सभी जिलों से प्रभारी मंत्री और संगठन प्रभारी द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों से चर्चा कर नाम लिए जाएंगे. यह प्रक्रिया आगामी 15 अक्टूबर तक पूरी की जा सकेगी. इसके बाद इन नामों की सूचियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे अंतिम रूप देंगे और उसके बाद दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की फाइनल मुहर के बाद राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी.

सूत्रों की मानें तो यह फैसला गुरुवार को पीसीसी में निकाय चुनावों को लेकर हुई बैठक के बाद उसी दिन रात को मुख्यमंत्री आवास पर हुई सीएम अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की बैठक में लिया गया है. यह भी बताया जा रहा है कि आलाकमान के निर्देश के बाद अब इन तीनों की समन्वय समिति सत्ता और संगठन के बड़े फैसलों में शामिल होगी.