महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार की मौत को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के ‘सत्ता का आनंद ले रहे हैं’ वाले बयान के बाद महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने पलटवार किया है. सुनेत्रा पवार ने विपक्षी नेताओं से अजित पवार की मौत को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने की अपील की है.
सुनेत्रा पवार ने कहा कि अजित दादा के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है. उनकी मां, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के दर्द को वही लोग समझ सकते हैं, जिन्होंने उन्हें खोया है. उन्होंने कहा कि अजित पवार के जाने से महाराष्ट्र में जो खालीपन पैदा हुआ है, वह बहुत बड़ा है.
सुप्रिया सुले के बयान पर सुनेत्रा का पलटवार
यह प्रतिक्रिया एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने अजित पवार की मौत को लेकर एनसीपी के अजित पवार गुट और सरकार पर सवाल उठाए थे.
सुप्रिया सुले ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि उनका भाई चला गया, लेकिन दूसरी ओर लोग सत्ता का आनंद ले रहे हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अजित पवार की मौत के मामले में अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं की गई और उचित जांच की मांग क्यों नहीं की गई.
‘जांच एजेंसियों को समय दिया जाना चाहिए’
सुप्रिया सुले के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा कि परिवार और हादसे से जुड़े अन्य लोग मामले में ठोस कार्रवाई चाहते हैं और इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा में किए गए वादे का भी उल्लेख किया और कहा कि उसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. सुनेत्रा पवार ने कहा कि उन्हें कानून और संविधान पर पूरा भरोसा है. जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और उन्हें अपना काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए.
अजित पवार की मौत पर बढ़ी सियासी बयानबाजी
अजित पवार की मौत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक ओर जहां जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं. सुप्रिया सुले के बयान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है.
सुनेत्रा पवार ने अपने जवाब के जरिए साफ संदेश दिया कि परिवार के इस मुश्किल दौर को राजनीतिक बयानबाजी से जोड़ना उचित नहीं है. अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से आगे क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं.











