Hanuman Beniwal Big Statement: राजस्थान में होने जा रहे निकाय चुनावों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने अपनी मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराते हुए एक हजार से अधिक प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में RLP के उम्मीदवार चुनावी मैदान में सक्रिय हैं और पार्टी इसे अपने लगातार बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और जनाधार का संकेत बता रही है। निकाय चुनावों में बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के उतरने से कई क्षेत्रों में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
RLP के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि निकाय चुनावों में एक हजार से अधिक प्रत्याशियों का मैदान में उतरना इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान की जनता अब भाजपा और कांग्रेस की पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर एक मजबूत तीसरे राजनीतिक विकल्प की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि RLP सत्ता की राजनीति के बजाय संघर्ष और जनहित की राजनीति में विश्वास रखती है तथा किसानों, युवाओं, मजदूरों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के मुद्दों को लगातार उठाती रही है।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने लंबे समय तक राजस्थान की राजनीति को दो दलों तक सीमित रखा, लेकिन RLP ने सड़क से लेकर सदन तक जनता के मुद्दों पर संघर्ष करते हुए प्रदेश की राजनीति में तीसरी ताकत के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनावों में एक हजार से अधिक उम्मीदवारों का चुनाव लड़ना पार्टी के मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं के व्यापक नेटवर्क को दर्शाता है। पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव जीतकर पार्षद बनाना नहीं, बल्कि नगर निकायों में जनता की समस्याओं के खिलाफ प्रभावी आवाज खड़ी करना भी है।
बेनीवाल ने कहा कि RLP प्रत्याशी पानी, सफाई, सड़क, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, भ्रष्टाचार और युवाओं के रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान की जनता बदलाव चाहती है और निकाय चुनावों में RLP उस बदलाव की मजबूत आवाज बनकर सामने आई है। बेनीवाल के अनुसार, इस बार निकाय चुनावों में RLP की मौजूदगी सिर्फ प्रत्याशियों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजस्थान की बदलती राजनीतिक तस्वीर और एक मजबूत तीसरे विकल्प के उभरने का संकेत है।









