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‘खुद को बेचने वाले सौदागर’ बनाम ‘मानव बम’: शिवसेना विवाद में बढ़ी बयानबाजी

19 जून 2026
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‘खुद को बेचने वाले सौदागर’ बनाम ‘मानव बम’: शिवसेना विवाद में बढ़ी बयानबाजी

पार्टी में टूट के बाद आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज, राजनीतिक तापमान बढ़ा, बागी सांसदों पर ‘सौदागर’ टिप्पणी से बढ़ा विवाद, बीजेपी ने राउत पर साधा निशाना

Maharashtra Politics: शिवसेना (UBT) में चार सालों के भीतर दूसरी बार बड़ी राजनीतिक टूट के बाद पार्टी की ओर से जुबानी जंग तीखी होती जा रही है. राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता संजय 

राउत ने 6 लोकसभा सांसदों द्वारा अलग राह अपनाने के फैसले पर फिर सवाल उठाते हुए उन्हें धोखेबाज और खुद को बेचने वाला बताया. राउत ने बागी सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह कोई वैचारिक बगावत नहीं, बल्कि खुद को बेचने का मामला है. उन्होंने दावा किया कि इन सांसदों के बीच केंद्रीय मंत्री पद को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है. इधर, बीजेपी ने संजय राउत पर तंज कसते हुए उन्हें 'मानव बम' की संज्ञा दी.

संजय राउत पर लगाम कसे ठाकरे - बीजेपी

महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री और बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने संजय राउत पर कटाक्ष किया था. महाजन ने दावा किया कि संजय राउत की वजह से ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. उन्होंने राज्य सभा सांसद संजय राउत को ‘मानव बम’ बताते हुए कहा कि उद्धव ने उन्हें अपने गले में बांध रखा है और इसका खामियाजा उनकी पार्टी को भुगतना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी गिरीश महाजन ने कहा कि उन्होंने कई बार उद्धव ठाकरे को संजय राउत पर लगाम लगाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी.

कुछ लोगों ने खुद को बेच दिया - राउत 

इधर, एक मीडिया साक्षात्मकार में संजय राउत ने कहा कि कोई व्यक्ति विचारधारा के लिए पार्टी छोड़ता है तो उसे फूट कहा जा सकता है, लेकिन जब कोई खुद को बाजार में बेचने के लिए खड़ा कर दे और कोई उसे खरीद ले, तो उसे फूट नहीं बल्कि सौदा कहा जाता है.

राउत ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले उनकी पार्टी के 6 सांसदों ने खुद को राजनीतिक बाजार में पेश किया और फिर उनकी बोली लगाकर उन्हें खरीद लिया गया. उन्होंने कहा कि इन सांसदों ने किसी बड़े सिद्धांत या विचारधारा के लिए पार्टी नहीं छोड़ी है.

राउत ने ये भी दावा किया कि समस्त 6 में से एक बागी को मंत्री पद मिलेगा और बाकी को मुआवजे के तौर पर अतिरिक्त 25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे, बशर्ते वे कोई हंगामा न खड़ा करें.

वैचारिक मतभेदों के चलते अलग हुए 6 सांसद

शिवसेना (UBT) के लोकसभा में 6 सांसद हैं, जिनमें से 6 पार्टी से अलग हो गए. बागी गुट ने उद्धव ठाकरे के कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहों का हवाला देते हुए खुद को पार्टी से अलग किया. हालांकि इस बात का कोई स्पष्टीकरण फिलहाल नहीं मिल पाया है. इसके बाद उद्धव गुट के नेताओं ने बागी सांसदों पर तीखी जुबानी तीर छोड़ने शुरू कर दिए हैं. बीजेपी और शिंदे गुट के नेताओं की ओर से भी पलटवार किए जा रहे हैं. अब देखना है कि यह बयानबाजी कितनी आगे तक जाती है.

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