राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व सीएम गहलोत ने बीते दिन कोटा में न्यू मेडिकल में इलाज में लापरवाही को लेकर भर्ती प्रसूताओं और पीडितों से मुलाकता की. इस मुलाकात के बाद गहलोत ने आज एक्स पर पोस्ट कर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर जमकर सवाल उठाए. गहलोत ने कहा कि कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में 5 प्रसूताओं की मौत का कारण जांच रिपोर्ट में सीधे तौर पर इलाज में लापरवाही सामने आना बेहद संगीन, विचलित करने वाला और अक्षम्य है. यह सामान्य मौतें नहीं, बल्कि व्यवस्था की घोर संवेदनहीनता के कारण हुई संस्थागत हत्याएं हैं. एम्स की टीम द्वारा ऑपरेशन थिएटर में इन्फेक्शन की आशंका जताया जाना अस्पताल प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाता है.
गहलोत ने कहा कि हद तो यह है कि इस जानलेवा लापरवाही के बाद भी वहां 5 महिलाएं जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं और किडनी फेल होने जैसी गंभीर स्थिति में हैं, जिनका अभी डायलिसिस के जरिए इलाज चल रहा है. इन महिलाओं के लाचार परिजनों ने मुझसे मिलकर अपना दर्द बयां किया, उन्हें यह भरोसा ही नहीं है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सरकार आगे उनका इलाज करवाएगी भी या नहीं. सरकार को तुरंत यह घोषणा करनी चाहिए कि यदि इन पीड़ित महिलाओं की किडनी पूरी तरह डैमेज होती है तो उनके किडनी ट्रांसप्लांट और भविष्य के पूरे इलाज का शत-प्रतिशत खर्च उठाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी.
गहलोत ने आगे कहा कि सिर्फ कोटा ही नहीं, बीकानेर की स्थिति भी रूह कंपाने वाली है. वहां भी प्रसूताओं की किडनी फेल होने के पीछे अस्पतालों की बदहाली, गंदगी और ओटी में इन्फेक्शन का खौफनाक सच सामने आया है. ये तमाम तथ्य चिल्ला-चिल्लाकर गवाही दे रहे हैं कि पूरे प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा खुद वेंटिलेटर पर आ चुका है और विभाग की इस आपराधिक लापरवाही ने गरीबों की जिंदगी को खिलौना बना दिया है. राज्य सरकार को अब अपनी कुंभकर्णी नींद से जागना होगा. कोटा और बीकानेर की इन दर्दनाक घटनाओं को महज हादसा मानकर रफा-दफा करने की कोशिश कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कल कोटा दौरे के दौरान जब मैंने इन पीड़ित और भर्ती प्रसूताओं से मुलाकात की, तो दिल दहल गया. ये सभी अत्यंत गरीब परिवारों की बेबस महिलाएं हैं जो सरकारी तंत्र के भरोसे अस्पताल आई थीं.
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग करते हुए कहा कि मेरी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधी और दोटूक मांग है कि इस अक्षम्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों को तत्काल सस्पेंड कर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए. इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को तुरंत मुआवजा राशि दी जाए. सरकार को यह स्वीकार करना ही होगा कि यह पूरी तरह से आपकी सरकार और सिस्टम की घोर विफलता है, जिसकी कीमत निर्दोष महिलाओं को अपनी जान देकर और अपनी किडनियां गंवाकर चुकानी पड़ रही है.












