एक तरफ जहां देश में नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक का मुद्दा जोर पकड़ रहा है. उसी समय इन मुद्दों को भुनाने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिक्षा नगरी कोटा पहुंचे. छात्रों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा. उन्होंने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक की घटनाओं, रोजगार के अवसरों और शिक्षा से जुड़े प्रशासनिक ढांचे को लेकर केंद्र और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इस तरह से छात्रों के बीच पहुंचना केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.
हालांकि
मंच से राहुल गांधी ने कहा 'मैं यह साफ कर देना चाहता हूं, कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम
नहीं है. यह आपके और आपके भविष्य के बारे में है. आज की शाम आपके बारे में है. आप किन
हालात से गुजर रहे हैं और रोजाना किन चुनौतियों का सामना करते हैं, इस बारे में है.'
उन्होंने युवाओं की ओर से कोटा में 'छात्रों की गूंज' नाम से एक राष्ट्रीय अभियान भी
लॉन्च किया, जो देश के हर एक शहर में चलाया जाएगा।
प्रेशराइज
काम कर रहा एजुकेशन सिस्टम
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है. एजुकेशन सिस्टम अपने बच्चों को प्रेशराइज (दबाव में) करता है. यह उन्हें स्ट्रेस (तनाव) देता है. मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें, ताकि आगे से किसी भी बच्चे को (आत्महत्या जैसा) ऐसा आत्मघाती कदम न उठाना पड़े.
उन्होंने
आम मुद्दों को उठाते हुए कहा कि पांच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आपके परिवारों
की जेब से उतना पैसा छीन लिया जाता है जितना पांच मंत्रालयों का बजट है. नीट, जेईई
सहित 5 परीक्षाओं की तैयारी पर परिवारों की जेब से 5 लाख करोड़ चले जाते हैं.
उन्होंने
ये भी कहा कि एजुकेशन सिस्टम ऐसा होना चाहिए जहां बच्चे और युवा अपने मन की चीज कर
सकें, अपनी पसंद की स्ट्रीम चुन सकें और उसकी तैयारी में लाखों रुपये का भारी-भरकम
खर्च न हो.
विभिन्न
मुद्दों पर सरकार को घेरा
कोटा
में राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार की कई मुद्दों पर घेराबंदी करते हुए कहा,
'देश के युवाओं की सबसे बड़ी चिंता केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि उसके बाद अवसर
प्राप्त करना है. लगातार सामने आने वाली पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों
के भरोसे को प्रभावित किया है और इससे मेहनत करने वाले युवाओं के सामने अनिश्चितता
पैदा हुई है.'
उन्होंने
रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि युवा वर्ग नौकरी, कौशल और अवसर
के बीच संतुलित व्यवस्था चाहता है. उनके अनुसार केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर रोजगार सृजन
की दिशा में ठोस प्रयास आवश्यक हैं. राहुल गांधी ने मंच पर बुलाकर कुछ छात्र-छात्राओं
और परिवार से संवाद भी किया.
गहलोत-पायलट
की जुगलबंदी चर्चा में
राहुल
गांधी के स्वागत से पूर्व कोटा एयरपोर्ट पहुंचे राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत
और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की जुगलबंदी चर्चा में रही. दोनों एक दूसरे की बातों
पर ठहाके लगाते हुए नजर आए. उनके साथ पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल रहे.
यह सुखद माहौल फिलहाल प्रदेश की राजनीति में सुर्खियां बटोर रहा है. हालिया दिनों में
गहलोत और पायलट के एक दूसरे पर तंज कसते बयानों से कांग्रेस में एक बार फिर सियासी
जंग का ऐलान कर दिया था लेकिन आज सामने आ रही इन दोनों दिग्गज नेताओं की सकारात्मक
एवं प्रेम भरी तस्वीरों ने प्रदेश कांग्रेस में शांति, एकता एवं सामंजस्य का संदेश
देने का काम किया है.












