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युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं चलेगा: छात्र आत्महत्या मामले पर हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान

16 जून 2026
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युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं चलेगा: छात्र आत्महत्या मामले पर हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान

‘हर युवा का सपना सुरक्षित रहना चाहिए’: NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या पर हनुमान बेनीवाल ने परीक्षा व्यवस्था पर खड़े किए बड़े सवाल

Rajasthan Politics: सीकर में नीट (NEET) की तैयारी कर रहे नवलगढ़ के कारी गांव निवासी छात्र उमेश और गुढ़ागौड़जी के प्रदीप मेघवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने के दुखद मामलों पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने गहरा दुख व्यक्त किया है. सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि नीट जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने और परीक्षा प्रक्रियाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण देश भर के लाखों मेहनती छात्रों पर असाधारण मानसिक दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सालों तक कठिन परिश्रम करने के बाद जब परीक्षा की पारदर्शिता पर ही सवाल उठने लगते हैं, तो युवाओं में असुरक्षा और घोर निराशा का माहौल पैदा होता है.

वही केंद्र और राज्य सरकारों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी केवल परीक्षाएं आयोजित कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें युवाओं के विश्वास की रक्षा भी करनी चाहिए. उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे छात्रों के भरोसे को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं. हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और दोषियों पर त्वरित व कड़ी कार्रवाई अब केवल एक मांग नहीं रह गई है, बल्कि यह समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है ताकि भविष्य में किसी और युवा का सपना इस तरह न टूटे.

इस संवेदनशील मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने दिवंगत छात्र उमेश के शोकाकुल परिजनों से वीडियो कॉल और दूरभाष के माध्यम से बात कर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं. परिजनों को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि एक होनहार और प्रतिभाशाली युवा का इस तरह असमय चले जाना पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उन्होंने साफ किया कि यह घटना केवल एक परिवार का व्यक्तिगत दुख नहीं है, बल्कि उस लचर व्यवस्था पर एक गंभीर सवालिया निशान है जो बार-बार पेपर लीक जैसी आपराधिक घटनाओं को रोकने में नाकाम रही है. बेनीवाल ने कहा कि अब समय केवल संवेदना व्यक्त करने का नहीं, बल्कि इस पूरी अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने का है.

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