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'गहलोत के कार्यकाल में हुआ राजस्थान का बेड़ा गर्क, सलाखों के पीछे हैं भ्रष्टाचारी'- जोगाराम पटेल का तीखा प्रहार

27 मई 2026
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'गहलोत के कार्यकाल में हुआ राजस्थान का बेड़ा गर्क, सलाखों के पीछे हैं भ्रष्टाचारी'- जोगाराम पटेल का तीखा प्रहार

गहलोत के बयान पर कानून मंत्री जोगाराम पटेल का बड़ा पलटवार— 'कांग्रेस का कुशासन और महापाप नहीं भूलेगी जनता'

Rajasthan Politics: राजस्थान के विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार और विफलताओं को राजस्थान की जनता कभी भूल नहीं सकती. आज अशोक गहलोत केवल सुर्खियों में बने रहने और जनता को गुमराह करने के लिए बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उनके पिछले ५ वर्षों के कार्यकाल में राजस्थान का पूरी तरह से बेड़ा गर्क हो गया था। कांग्रेस ने हमेशा योजनाओं को जनता के विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अपना और अपने चहेतों का उद्धार करने का जरिया बनाया था.

जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार जनता के साथ महापाप:

मंत्री पटेल ने जल संकट पर बोलते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा कि जल जीवन मिशन जैसे महत्वाकांक्षी अभियान में भ्रष्टाचार करना केवल एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि प्रदेश की प्यासी जनता के साथ किया गया महापाप था. इसी का नतीजा है कि गहलोत सरकार के तत्कालीन मंत्री और अधिकारी आज सलाखों के पीछे हैं. ऐसे दागी लोग यदि आज जल संकट और जनहित की बात करते हैं, तो यह प्रदेश की जनता के साथ सबसे बड़ा छल है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां कांग्रेस के राज में जल संकट केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित रहा, वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार धरातल पर ऐतिहासिक कार्य कर रही है. आज रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, ईआरसीपी (ERCP) का सुदृढ़ीकरण, गंगनहर, माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा जैसी दीर्घकालिक जल परियोजनाओं पर रिकॉर्ड गति से काम किया जा रहा है. इसके साथ ही, 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के माध्यम से गंगा दशमी जैसे पावन पर्व को जल चेतना और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर विकास और संस्कृति का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया गया है.

स्वास्थ्य व्यवस्था और पेपर लीक पर घेरा, युवाओं की बर्बादी का लगाया आरोप:

जोगाराम पटेल ने स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर भी पूर्व मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने सवाल उठाया कि गहलोत को स्वास्थ्य योजनाओं पर बोलने से पहले जनता को यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान अस्पतालों के भुगतान क्यों अटक गए थे? निजी अस्पतालों ने इलाज क्यों बंद किया और मरीजों को क्यों दर-दर भटकना पड़ा? कांग्रेस ने स्वास्थ्य योजनाओं को केवल खोखले प्रचार का माध्यम बनाया, जबकि भाजपा सरकार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और स्थायी स्वरूप दे रही है। इसके साथ ही, उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस को याद दिलाया कि उनके शासनकाल में पेपर लीक माफियाओं ने प्रदेश के लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया था. भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक संरक्षण कांग्रेस शासन की मुख्य पहचान बन गया था, जिस पर वर्तमान भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही कड़ा प्रहार किया और माफियाओं को जेल भेजकर युवाओं को न्याय दिलाया.

भजनलाल सरकार का सुशासन और 'विकसित राजस्थान' का संकल्प:

अंत में विधि मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में सुशासन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है. मुख्यमंत्री स्वयं गांव-गांव जाकर, ग्रामीण चौपालों में रात्रि विश्राम कर महिलाओं, किसानों, युवाओं और पशुपालकों की समस्याएं सुन रहे हैं और उनका हाथों-हाथ समाधान कर प्रशासन को जवाबदेह बना रहे हैं. इससे आमजन का शासन व्यवस्था में विश्वास मजबूत हुआ है. कांग्रेस ने राजस्थान को केवल भ्रष्टाचार, भारी कर्ज, तुष्टिकरण और प्रशासनिक अव्यवस्था की विरासत दी थी, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। राजस्थान की जनता अब कांग्रेस की भ्रम और आरोपों की राजनीति को पूरी तरह समझ चुकी है; जनता को अब खोखले भाषण नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए, जो भाजपा सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ दे रही है.

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