Bhajanlal Cabinet: राजस्थान को देश की एक प्रमुख आर्थिक ताकत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आज सीएमओ (CMO) में एक अहम कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, हीरालाल नागर और सुरेश सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी।
इस बैठक में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी से लेकर, दिव्यांगों को राहत, और भीषण गर्मी में पानी-बिजली के फुलप्रूफ एक्शन प्लान पर मुहर लगाई गई है।
यहाँ पढ़ें कैबिनेट बैठक के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण फैसले:
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1. नई औद्योगिक नीति (Industrial Policy): सर्विस और AI अब उद्योग में शामिल
सरकार का मुख्य फोकस राजस्थान में निवेश और रोजगार बढ़ाना है।
सर्विस सेक्टर को बढ़ावा: अब होटल, वेयरहाउस और सर्विस सेक्टर से जुड़े क्षेत्रों को भी 'उद्यम' (Industry) का दर्जा मिलेगा।
*तकनीक पर जोर: सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को उद्योग की श्रेणी में शामिल किया गया है।
महिलाओं को प्राथमिकता: महिलाओं से जुड़े उद्योगों को नई नीति में विशेष जगह दी गई है।
आसान नियम: सेल्फ सर्टिफिकेशन, डीम्ड अप्रूवल और ऑटो क्लीयरेंस जैसे सुधार लागू किए गए हैं ताकि व्यापारियों को लालफीताशाही से मुक्ति मिले।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर और अक्षय ऊर्जा: सीमेंट व सोलर कंपनियों को जमीन
प्रदेश में ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र को गति देने के लिए बड़े पैमाने पर भूमि आवंटन किया गया है:
सीमेंट उद्योग: जेके सीमेंट (71 हेक्टेयर) और डालमिया सीमेंट (121 हेक्टेयर) को जैसलमेर में सैकड़ों बीघा जमीन आवंटित की गई है। सरकार ने इसके लिए डबल DLC रेट से कीमत वसूली है।
सोलर प्लांट्स:जैसलमेर के फतेहगढ़ (106 हेक्टेयर), बाड़मेर की शिव तहसील और बीकानेर में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्राइवेट कंपनियों को सशर्त जमीन दी गई है।
EV क्रांति:इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पूरे प्रदेश में 260 नई जगहों पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
3. दिव्यांगों को बड़ी मानवीय राहत
सामाजिक न्याय की दिशा में एक बेहद संवेदनशील फैसला लेते हुए सरकार ने दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है:
अब दिव्यांग बच्चों का प्रमाण पत्र जीवन में सिर्फ एक बार ही बनेगा।
हर तीन साल में प्रमाण पत्र रिन्यू (Renew) करवाने की बाध्यता को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।
4. गर्मी का एक्शन प्लान: पानी और बिजली पर सख्त नजर
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि भीषण गर्मी में जनता को राहत देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है:
जीरो पावर कट:प्रदेश में बिना कटौती के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 20 मई को 16,400 मेगावाट की भारी मांग के बावजूद बिजली की पर्याप्त उपलब्धता रही।
नए सब-स्टेशन:444 नए सब-स्टेशन बनाए गए हैं और 26 जिलों में दिन के समय भी बिजली देने की तैयारी की गई है। कुसुम A और C से मिलने वाली सौर ऊर्जा ने कोयले की बिजली के बराबर उत्पादन दिया है।
मंत्रियों की ग्राउंड रिपोर्टिंग: सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में दौरे या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पानी-बिजली की उपलब्धता का निरीक्षण करेंगे। पेयजल के लिए खराब हैंडपंप और नलकूप दुरुस्त किए गए हैं।
5. विजन 2030 और भविष्य के अभियान
राजस्थान के भविष्य को सुरक्षित और सुनियोजित करने के लिए मास्टर प्लान की समीक्षा की गई:
डेटा आधारित विकास: 457 पंचायत समितियों और 309 नगरीय निकायों का डेटा जुटाकर 2030 तक का विकास खाका तैयार किया गया है। इससे यह पता चलेगा कि कहाँ स्कूल या अन्य सुविधाओं की जरूरत है।
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान: जलदाय विभाग द्वारा 25 मई से 5 जून तक यह अभियान चलाया जाएगा। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा।
ग्राम सभाएं:26 मई को पूरे प्रदेश में विकास कार्यों और पानी की समस्याओं पर चर्चा के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री शहरी-ग्राम विकास अभियान 2030 तक लगातार चलेगा।
भजनलाल सरकार की इस कैबिनेट बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका विजन एक ऐसे राजस्थान का निर्माण करना है जो आर्थिक रूप से सशक्त हो, तकनीक (AI/EV) में आगे हो, और जहां आम जनता (खासकर दिव्यांगों और गर्मी से जूझते लोगों) की समस्याओं का त्वरित समाधान हो।












