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हार के डर से चुनाव से भाग रही थी बीजेपी, कोर्ट के डंडे ने मंसूबों पर फेरा पानी- टीकाराम जूली

22 मई 2026
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हार के डर से चुनाव से भाग रही थी बीजेपी, कोर्ट के डंडे ने मंसूबों पर फेरा पानी-  टीकाराम जूली

हाईकोर्ट के आदेश पर बोले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली- 'चुनाव टालने की बीजेपी की साजिश नाकाम, कोर्ट ने तानाशाही को दिया करारा जवाब'

Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव 31 जुलाई तक संपन्न कराने के राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश का पुरजोर स्वागत किया है. कांग्रेस नेता जूली ने इसे लोकतंत्र और कांग्रेस पार्टी के जमीनी संघर्ष की एक ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि इस फैसले से सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता पूरी तरह बेनकाब हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर जनता के बीच जाने से लगातार भाग रही थी और उसने जानबूझकर चुनाव टालने की साजिश रची थी, क्योंकि उन्हें पता है कि जनता उनके कुशासन का जवाब देने के लिए तैयार बैठी है. लेकिन माननीय न्यायालय के इस फैसले ने सरकार के इरादों पर पानी फेर दिया है. 


ढाई साल में कोई काम नहीं हुआ, अब घबराहट में गांवों की तरफ भाग रही सरकार

भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कहा कि पिछले तकरीबन ढाई सालों में इस डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को पूरी तरह विकास विहीन कर दिया है. धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और पिछली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं ठप पड़ी हैं. यही वजह है कि भाजपा के नेताओं में गांवों और कस्बों में जाने की हिम्मत नहीं बची और अब अपनी साख बचाने के लिए मुख्यमंत्री खुद गांवों में जाकर लोगों के गुस्से को शांत करने की कोशिशों में जुट गए हैं. असलियत में ये लोग डरे हुए हैं कि पंचायत और निकाय चुनावों में जनता के बीच जाकर किस मुंह से और किस काम के नाम पर वोट मांगेंगे. अपनी इसी नाकामी और हार के डर को छिपाने के लिए भाजपा ने चुनाव टालने का खेल रचा था.


कांग्रेस ने सदन से सड़क तक लड़ा संघर्ष, कोर्ट ने दिया तानाशाही को जवाब

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत राज चुनाव समय पर नहीं कराने के पीछे भाजपा की जो बदनीयत थी, उसे कांग्रेस ने हर स्तर पर बेनकाब किया है. चाहे कुछ माह पहले विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों द्वारा किया गया ज़ोरदार प्रदर्शन हो, सड़क का संघर्ष हो या आम जनता की आवाज उठाना हो, कांग्रेस पार्टी ने हर मंच पर भाजपा के इन लोकतंत्र-विरोधी मंसूबों को पुरजोर तरीके से उजागर किया था. सरकार जनता की इस आवाज़ को दबाना चाहती थी, लेकिन आज माननीय न्यायालय के आदेश ने भाजपा की तानाशाही को करारा जवाब दे दिया है.


गांव-गांव जाकर इस डरपोक और जनविरोधी सरकार की पोल खोलेंगे कार्यकर्ता

 जूली ने आगे कड़े शब्दों में कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला और बुलंद हुआ है. अब कांग्रेस के कार्यकर्ता गांवों, ढाणियों और वार्डों में सीधे जनता के बीच जाएंगे और इस डरपोक व जनविरोधी सरकार की पोल खोलने का काम करेंगे. हम जनता को बताएंगे कि कैसे भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना चाहती थी. न्यायालय के इस आदेश के बाद अब सरकार के पास कोई बहाना नहीं बचा है और उसे तय समय सीमा के भीतर ही चुनाव कराने होंगे.

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