Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में बगावत के बाद सियासी हलचल तेज है. उद्धव को छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले सभी छह सांसदों ने संजय राउत पर गंभीर आरोप लगाए थे. वहीं पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शिंदे ईडी और सीबीआई के डर से पार्टी छोड़कर चले गए और सीएम बन बैठे.
संजय राउत ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ अपनी दोस्ती को भी याद किया. उन्होंने कहा, 'शिंदे कभी मेरे अच्छे दोस्त थे और उन्होंने मुझसे भी संपर्क करने की कोशिश की थी ताकि मैं पार्टी छोड़ हूं. मैंने शिंदे को पार्टी तोड़ने से रोकने की कोशिश की.' राउत ने कहा कि मैं पार्टी के प्रति वफादार बना हुआ हूं. आज भी मैं बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे की विचारधारा के प्रति समर्पित हूं.
याद दिला दें कि उद्धव सेना में दो बार बड़ी टूट हुई है. चार साल पहले शिंदे शिवसेना (एकजुट) अपने 40 विधायकों को लेकर बीजेपी के समर्थन में आ गए और राज्य के मुख्यमंत्री बन गए. बाद में उन्होंने शिवसेना के नाम और लोगो पर दावा पेश कर उनको बहुमत के चलते हथिया लिए. हाल में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' में उद्धव के 9 में से 6 सांसद शिंदे शिवसेना में शामिल हो गए. ज्यादा संख्या होने के चलते दल बदल कानून भी लागू नहीं हो सका. इसके बाद शिंदे की लोकसभा में संख्या बल बढ़ गया.
जिन सांसदों ने पाला बदला है, उनमें संजय हरिभाऊ जाधव, संजय दीना पाटिल, ओम राजे निंबालकर, संजय उत्तमराव देशमुख, नागेश बापूराव पाटिल आष्टीकर और भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे शामिल हैं. बागी सांसदों ने आरोप लगाया कि वह पार्टी में संजय राउत और आदित्य ठाकरे की भूमिका को लेकर खुश नहीं थे. सांसदों के पाला बदलने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने खुलकर कहा कि अब असली शिवसेना एकनाथ शिंदे के पास ही है.
ठाकरे गुट के संजय राउत बागियों के पाला बदलने के बाद से बगावत करने वाले सांसदों पर हमलावर हैं. अब जिस तरह से राउत पूर्व सीएम पर तंज कस रहे हैं, प्रदेश की राजनीति में उबाल आना तय है.













