कृष्णा तीरथ की जीवनी | Krishna Tirath Biography in Hindi

9 Feb 2026

Krishna Tirath Biography in Hindi - इस लेख में हम आपको कृष्णा तीरथ की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

Krishna Tirath Latest News -  कृष्णा तीरथ कांग्रेस की वरिष्ठ और अनुभवी नेत्री है. तीरथ कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल है, जिनका दिल्ली की स्थानीय राजनीति और केंद्र की राष्ट्रीय राजनीति, दोनों पर समान प्रभाव रहा है. उन्होंने दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार में मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई. इसके साथ ही वह मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए 2 में भी मंत्री रह चुकी है. मनमोहन सरकार में वह 'महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)' थीं. इस तरह से दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति, दोनों ही स्तरों पर उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है. इस लेख में हम आपको कृष्णा तीरथ की जीवनी (Krishna Tirath Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

कृष्णा तीरथ की जीवनी (Krishna Tirath Biography in Hindi)

पूरा नामकृष्णा तीरथ
उम्र70 साल
जन्म तारीख3 मार्च 1955
जन्म स्थाननई दिल्ली
शिक्षाएम.ए., बी.एड.
कॉलेजदिल्ली विश्वविद्यालय
वर्तमान पद-
व्यवसायराजनीतिक
राजनीतिक दलभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पिता का नामश्री मोहर सिंह
माता का नामश्रीमती सांवली देवी
पति का नामविजय कुमार
बेटें का नामतीन बेटी
बेटी का नाम-
स्थाई पता6295 - 96 देव नगर, करोल बाग,  नई दिल्ली
वर्तमान पता6295 - 96 देव नगर, करोल बाग,  नई दिल्ली
फोन नंबर9868180941
ईमेल-

कृष्णा तीरथ का जन्म और परिवार (Krishna Tirath Birth & Family)

कृष्णा तीरथ का जन्म 3 मार्च 1955 को नई दिल्ली में हुआ था. कृष्णा तीरथ के पति का नाम विजय कुमार है. उनके पति व्यवसाय करते है. उनके तीन बच्चे है. कृष्णा तीरथ हिन्दू धर्म से है. कृष्णा तीरथ पर 0 आपराधिक मुकदमा दर्ज है.

कृष्णा तीरथ की शिक्षा (Krishna Tirath Education)

कृष्णा तीरथ ने वर्ष 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स), और बाद में वर्ष 1975 में बी.एड. किया था.

कृष्णा तीरथ का राजनीतिक करियर (Krishna Tirath Political Career)

कृष्णा तीरथ दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री है. वह दिल्ली की शिला दीक्षित सरकार और बाद में, केंद्र की मनमोहन सरकार में मंत्री भी रह चुकी है. कृष्णा तीरथ मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली है, इसलिए उनकी राजनीतिक कर्मभूमि राजधानी दिल्ली रही है. उनके राजनीति की शुरुआत दिल्ली में विधायक के रूप में चुने जाने के साथ हुई. वह वर्ष 1984 से लेकर वर्ष 2004 के बीच दिल्ली विधानसभा की सदस्य रहीं. ध्यान देने वाली बात है कि उस समय दिल्ली में आज के जैसा विधानसभा नहीं था और न ही उसके पास वैसी शक्तियां थी जैसी आज के विधायक के पास होते है. उस समय 61 सदस्य वाले दिल्ली मेट्रो कॉउंसिल हुआ करता था.

बाद में, जब दिल्ली विधानसभा अस्तित्व में आया और दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया, तब यहाँ चुनाव भी हुए और राज्य सरकार भी बनी. इसी क्रम में, दिल्ली की भूमि पर राजनीति करते हुए कृष्णा तीरथ आगे बढ़ते रही और वर्ष 1998 में शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में वह सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और श्रम एवं रोजगार मंत्री बनाई गई. लेकिन अपने बागी तेवर के कारण मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने उन्हें बागी गुट का हिस्सा मानते हुए उनके पूरे मंत्रिमंडल को भंग कर दिया और उन्हें पद से इस्तीफा देने को कहा. वर्ष 2003 में अपने इस्तीफे के बाद तीरथ दिल्ली विधानसभा की उपसभापति बनीं.

कृष्णा तीरथ कांग्रेस के उन नेताओ में है, जिन्हे राज्य की राजनीति के साथ साथ केंद्र की राजनीति में अच्छा ख़ासा पकड़ है. तभी तो वह तीरथ पहली बार 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर खड़ी हुई और जीत गई. उन्होंने अपना पहला चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अनीता आर्य को हरा कर जीता. परिसीमन के बाद 2009 के चुनाव में वे उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से खड़ी हुई और फिर से जीत गई. इस बार वह भाजपा की मीरा कंवरिया को हराकर दोबारा सांसद चुनी गईं.

15वीं लोकसभा में जीत के बाद वह मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाई गई. लेकिन 2014 में कांग्रेस की हार के बाद उन्हें कांग्रेस से मोह भंग हो गया और फिर उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी. 19 जनवरी 2015 को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद वह औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गईं. भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें दिल्ली के पटेल नगर से अपना उम्मीदवार बनाया. उस चुनाव में उनका मुख्य मकाबला आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हजारी लाल चौहान से था. लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. आम आदमी पार्टी प्रत्याशी हजारी लाल चौहान ने उन्हें 34,638 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया. हार के बाद और कोई पद नहीं मिलने के कारण वह भाजपा से नाराज हो गई. इसी के बाद वह फिर से कांग्रेस की शरण में चली गई. मार्च 2019 में तीरथ भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं. वर्तमान में, वह कांग्रेस में ही है.

2025 के दिल्ली विधासभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर एक बार फिर से दिल्ली के पटेल नगर सीट से चुनाव लड़ा, पर पराजित हो गई. यहाँ से आम आदमी पार्टी के प्रवेश रत्न ने भाजपा के राज कुमार आनंद को पराजित करके चुनाव जीता था, जबकि चुनाव में तीरथ तीसरे स्थान पर रही थी.

कृष्णा तीरथ की संपत्ति (Krishna Tirath Property)

2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार कृष्णा तीरथ की कुल संपत्ति 18 करोड़, 61 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नहीं है.

इस लेख में हमने आपको कृष्णा तीरथ की जीवनी (Krishna Tirath Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.