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56 साल में पहली बार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बोला कोई प्रधानमंत्री- यहां बसता है मिनी इंडिया

22 दिसंबर 2020
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56 साल में पहली बार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बोला कोई प्रधानमंत्री- यहां बसता है मिनी इंडिया

Politalks.News/PMModi/AMU. अलीगढ मुस्लिम युनिवर्सिटी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया इतिहास रच दिया. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बाद पीएम मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने AMU के किसी कार्यक्रम में भाग लिया है. 56 साल बाद यह पहला मौका था, जब किसी प्रधानमंत्री ने AMU के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सैयदना मुफदालल सैफुद्दीन, एएमयू के कुलपति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे . AMU के शताब्दी समारोह में वर्चुअली शामिल होते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि AMU की दीवारों में देश का इतिहास है, … Read more

Politalks.News/PMModi/AMU. अलीगढ मुस्लिम युनिवर्सिटी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया इतिहास रच दिया. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बाद पीएम मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने AMU के किसी कार्यक्रम में भाग लिया है. 56 साल बाद यह पहला मौका था, जब किसी प्रधानमंत्री ने AMU के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सैयदना मुफदालल सैफुद्दीन, एएमयू के कुलपति भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे .

AMU के शताब्दी समारोह में वर्चुअली शामिल होते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि AMU की दीवारों में देश का इतिहास है, यहां से पढ़ने वाले छात्र दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं. यहां से निकले छात्रों से कई बार विदेश में उनकी मुलाकात हुई, जो हमेशा हंसी-मजाक और शेर-ओ-शायरी के अंदाज में खोए रहते हैं. शताब्दी समारोह को सम्बोधित करने से पहले पीएम मोदी ने डाक टिकट भी जारी किया. इस दौरान AMU के वाइस चांसलर ने पीएम मोदी को यूनिवर्सिटी का दौरा करने का न्योता दिया.

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शताब्दी समारोह को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘देश आज उस मार्ग पर बढ़ रहा है जहां मजहब की वजह से कोई पीछे न छूटे, सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिले, सभी अपने सपने पूरे करें. सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास ये मंत्र मूल आधार है. देश की नीयत और नीतियों में यही संकल्प झलकता है. मैं उन सभी शिक्षकों का भी आभारी हूं, जिन्होंने एएमयू के माध्यम से इन 100 वर्षों में अपनी शिक्षाओं का प्रसार किया.

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा आज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं. एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं. बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है. उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहाँ जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है. कोरोना संकट के दौरान AMU ने जिस तरह समाज की मदद की वो अभूतर्पूव है. लोगों का मुफ्त टेस्ट कराना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में एक बड़ी राशि का योगदान देना समाज के प्रति आपके दायित्यों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है.

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पीएम मोदी ने कहा मुझे बहुत से लोग बोलते हैं कि एएमयू कैंपस अपने आप में एक शहर की तरह है. अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है. यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिंदी, अरबी भी पढ़ाई जाती है तो संस्कृत की शिक्षा भी दी जाती है. केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिना किसी भेदभाव आयुष्मान योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ. जो देश का है वो हर देशवासी का है और इसका लाभ हर देशवासी को मिलना ही चाहिए, हमारी सरकार इसी भावना के साथ काम कर रही है.

वीमेन एम्पावरमेंट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा पहले मुस्लिम बेटियों को स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है. पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं. एक empower women का हर फैसले में उतना ही योगदान होता है, जितना किसी और का, फिर चाहे बात परिवार को दिशा देने की हो या देश को, मैं देश की अन्य शिक्षा संस्थानों से भी कहूंगा कि ज्यादा से ज्यादा बेटियों को शिक्षा से जोड़ें.

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नई शिक्षा निति का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 21वीं सदी में भारत के छात्र-छात्राओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा गया है. हमारे देश के युवा Nation First के आह्वान के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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