राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने आज राजधानी दिल्ली में कहा कि आज की नई पीढ़ी बहुत सारे सवाल पूछती है. हमें आदेश देने की बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए. भागवत का ये बयान ऐसे समय आया है, जब देश में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सैंकड़ों छात्र जंतर-मंतर प्रदर्शन कर रहे हैं. युवा शक्ति केंद्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. ऐसे में संघ प्रमुख के इस बयान को राजनीति और केंद्र में विराजमान मोदी सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है.
संघ प्रमुख नई दिल्ली में विश्व मांगल्य सभा के एक सेमिनार में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि आज का माहौल मोबाइल, इंटरनेट और प्रचार माध्यमों से काफी प्रभावित है. ऐसे में युवाओं को भ्रम और गलत सूचनाओं से बाहर निकलने की जरूरत है. हमें उन्हें हर बात के पीछे का तर्क समझाना चाहिए, न कि आदेश देना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि संवाद के जरिए ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है. हम मनमानी करेंगे, शक्ति से सबके मालिक बनेंगे, ऐसा नहीं हो सकता.
मोहन भागवत ने संयुक्त परिवार एवं परिवार प्रथाओं का महत्व समझाते हुए कहा कि पहले के समय में माता-पिता की बात बिना किसी सवाल के मान ली जाती थी. जब हम छोटे थे, तो माता-पिता जो कहते थे, वही अंतिम होता था. कोई बहस नहीं होती थी. श्रद्धा थी और प्रतिक्रिया भी नहीं होती थी, लेकिन अब समय बदल गया है. नई पीढ़ी सवाल पूछती है और उन्हें हर बात का तर्क बताना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बहुत अपनापन देने की जरूरत है, उन्हें समय देने की जरूरत है और सबसे ज्यादा संवाद की जरूरत है. आज डिक्टेशन नहीं, डिस्कशन की जरूरत है. ऑर्डर नहीं, कॉन्शसनेस (जागरूकता) की जरूरत है.
आज परिवारों में आपसी बातचीत पहले की तुलना में काफी कम हो गई है. बच्चों और युवाओं के साथ नियमित संवाद ही उन्हें सही दिशा दे सकता है.
संघ प्रमुख ने ये भी कहा कि केवल आदेश देने से बात नहीं बनेगी, बल्कि परिवार और समाज को युवाओं के साथ समय बिताना होगा और उनकी बात भी सुननी होगी.
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थी एवं युवा देश में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसका जिम्मेदार मानते हुए इस्तीफे की मांग की है. देश की जानी मानी हस्तियां इस आंदोलन से जुड़ रही हैं. इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर बैठे आंदोलनकारियों को जबरन उठाने की कोशिश की और डंडे बरसाए. वहां हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो जारी कर फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने का ऐलान किया, जबकि जेपी नड्डा अस्पताल पहुंंचे और भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक से मिलकर उनका अनशन तुड़वाया. ताजा जानकारी के अनुसार, सीजेपी का एक प्रतिनिधि मंडल आज सरकार से मिल रहा है. इसको देखते हुए पुलिस ने बेरिकेटिंग सख्त कर दी है. हालांकि आरएसएस प्रमुख का ताजा बयान और युवाओं का प्रदर्शन शायद सरकार के गले के नीचे नहीं उतर रहा है












