प्रश्नपत्र लीक समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को दिल्ली के जंतर मंतर पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन एवं आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहली बार एक सार्वजनिक बयान आया है. उन्होंने युवाओं की चिंताओं को लेकर फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिए है. हालांकि इस पर सदन में चर्चा फिलहाल शेष है. साथ ही दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात भी उन्होंने कही है. पीएम मोदी के इस बयान पर लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कॉकरोच जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को जवाब देते हुए सोशल प्लेटफार्म पर लिखा है, 'आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंचाया है. आपने न सिर्फ हमारी शिक्षा व्यवस्था पर क़ब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया. इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया.'
राहुल ने कहा - छात्रों की मांगें साफ हैं:-
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं
2. छात्रों से माफ़ी मांगिए और
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफा कार्रवाई करें.
इधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रधानमंत्री की इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए तीखा वार किया. उन्होंने कहा, 'अगर आप (PM) सोनम वांगचुक को धरने से नहीं उठाते तो यह आंदोलन इतना बड़ा कभी नहीं बनता. इसके लिए धन्यवाद... चीफ जस्टिस को भी मेरा धन्यवाद..जिनकी वजह से मैं हिन्दुस्तान आया और इतना बड़ा आंदोलन खड़ा कर पाया. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए.'
https://x.com/PublicVoice_4u/status/2080346053493354884?s=20
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री ने आज सुबह उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह दिखाने की कोशिश की है कि उन्हें देशभर के छात्रों की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों की चिंता है. लेकिन वास्तव में यह पोस्ट दिखाती है कि वे दबाव में हैं और पूरी तरह विचलित हो चुके हैं. वोट चोरी, सीट चोरी, चंदा चोरी, परीक्षा के पेपर की चोरी... यह सूची लगातार लंबी होती जा रही है.'
युवाओं की चिंता पर पहली बार बोले पीएम
इससे पहले युवाओं के आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने पहली बार उनकी चिंताओं पर कुछ कहा. पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात ढाई मिनट का एक वीडियो जारी करते हुए देश के युवाओं का हित और उनके भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया.
पीएम ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं. विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार की ओर से लिए जा रहे फ़ैसलों की कड़ी में ये एक अहम कदम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.'
https://x.com/narendramodi/status/2080357811662492096?s=20
प्रधानमंत्री
का यह बयान प्रश्नपत्र लीक समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों
और सामाजिक कार्यकर्ताओं के जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है. इसके बावजूद सीजेपी
अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हट रही. प्रश्नपत्र लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर
छात्रों व सामाजिक संगठनों की चिंताएं अभी भी बरकरार हैं. ऐसे में सरकार के आश्वासनों
और विरोध कर रहे पक्षों की मांगों के बीच संतुलित समाधान तलाशना बड़ी चुनौती होगी.












