केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. छापेमारी के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में प्रदर्शन किया और कई सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की. ईडी अधिकारियों की गाड़ियों पर हमले के बाद राज्य की नई यूडीएफ सरकार ने इसे कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश बताया है.
राज्य
के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala) ने कहा कि हिंसा और अराजकता फैलाने
की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने माकपा कार्यकर्ताओं पर
सुनियोजित तरीके से ईडी अधिकारियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. गृह मंत्री के मुताबिक
पुलिस के पास हिंसा में शामिल लोगों के वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं और दोषियों के
खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
हिंसा
के बाद 4 लोग गिरफ्तार
पुलिस
ने हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार
आरोपी माकपा के एक एरिया कमेटी कार्यालय में छिपे हुए थे. कई घंटे तक चले तनाव और घेराबंदी
के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया. राजधानी तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन इलाके
में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रही, जहां ईडी अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला किया
गया.
10
ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई
ईडी
ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राज्यभर में 10 ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें पिनराई
विजयन का तिरुवनंतपुरम स्थित किराए का घर और कन्नूर स्थित स्थायी आवास भी शामिल था.
विजयन के दामाद और नेता पीए मोहम्मद रियास से जुड़े परिसरों की भी जांच की गई. हालांकि
कन्नूर और कोझिकोड में स्थिति सामान्य रही, लेकिन राजधानी में विरोध प्रदर्शन उग्र
हो गया.
एक्सालॉजिक
सॉल्यूशंस से जुड़ा मामला
ईडी
की जांच विजयन की बेटी वीणा टी. और उनकी बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से
जुड़े CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर की जा रही है. एजेंसी का आरोप है कि
2017 से 2020 के बीच एक रेत खनन कंपनी सीएमआरएल ने वीणा की कंपनी को करीब 1.72 करोड़
रुपये का भुगतान किया, जबकि बदले में कोई सेवा नहीं दी गई. यह मामला पहले आयकर विभाग
और एसएफआईओ की जांच में सामने आया था, जिसके बाद ईडी ने 2024 में पीएमएलए के तहत केस
दर्ज किया.
केरल
की राजनीति में बढ़ा तनाव
ईडी
की कार्रवाई और उसके बाद हुई हिंसा ने केरल की राजनीति में नया टकराव पैदा कर दिया
है. यूडीएफ सरकार इसे कानून-व्यवस्था पर हमला बता रही है, जबकि माकपा समर्थकों में
नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जांच पूर्व मुख्यमंत्री
के परिवार तक पहुंचने के कारण आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा सकती
है.












