PoliTalks News
बड़ी खबर

CAG रिपोर्ट ने खोली भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पोल, कर्ज लेने में राजस्थान देश में आगे: टीकाराम जूली

19 मई 2026
साझा करें:
CAG रिपोर्ट ने खोली भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पोल, कर्ज लेने में राजस्थान देश में आगे: टीकाराम जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने CAG रिपोर्ट के हवाले से भाजपा सरकार को घेरा, बोले- विकास ठप कर ₹71,261 करोड़ का रिकॉर्ड कर्ज लिया

Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सूबे की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोलते हुए कहा है कि विधानसभा में जिस सच को वह लगातार उठाते आ रहे थे, उस पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने पूरी तरह से मुहर लगा दी है. कांग्रेस नेता जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा कांग्रेस के 5 वर्षों के शासन से अपने कार्यकाल की तुलना का जो झूठा माहौल बनाया जा रहा था, वह अब जनता के सामने उजागर हो चुका है. भाजपा सरकार की असल सच्चाई यह है कि राजस्थान आज विकास के पैमानों में नहीं, बल्कि कर्ज लेने में सबसे आगे निकल चुका है। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार को प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर तुरंत 'श्वेत पत्र' जारी करना चाहिए ताकि जनता को असलियत पता चल सके.


वही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विकास कार्यों में आ रही गिरावट और युवाओं के रोजगार पर गहराते संकट पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) के मामले में राजस्थान आज देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल हो गया है. आंकड़े पेश करते हुए जूली ने बताया कि भाजपा सरकार अपने विकास बजट का सिर्फ 51.82% हिस्सा ही खर्च कर पाई है. जूली ने सरकार को घेरते हुए सीधा सवाल पूछा कि जब प्रदेश में अस्पताल, स्कूल और सड़कें बनेंगी ही नहीं, तो युवाओं को रोजगार कहाँ से मिलेगा? आज राजस्थान में विकास पूरी तरह ठप पड़ा है और युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है.


वही हमला जारी रखते हुए टीकाराम जूली ने सरकार द्वारा लिए जा रहे भारी-भरकम कर्ज को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि एक तरफ विकास कार्य ठप हैं, तो दूसरी तरफ सरकार ने कर्ज लेने में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. प्रदेश की भाजपा सरकार ने बजट अनुमान से 65% अधिक, यानी ₹71,261 करोड़ का भारी-भरकम कर्ज ले लिया है, जो राजस्थान के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है. जूली ने तुलना करते हुए कहा कि जहाँ कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य विकास खर्च के मामले में देश में नंबर-1 पर बने हुए हैं, वहीं राजस्थान की भाजपा सरकार ने पूरे प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है.


विधानसभा के बजट सत्र को याद दिलाते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि उन्होंने सदन में पहले ही सरकार की इस विफलता को बेनकाब कर दिया था. वित्तीय वर्ष में बुनियादी ढांचे (कैपिटल आउटले) के लिए ₹53,686 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जिसे संशोधित अनुमानों में घटाकर मात्र ₹38,288 करोड़ कर दिया गया। सरकार ने अपने राजकोषीय घाटे को कागजों में कम दिखाने के चक्कर में विकास कार्यों में लगभग 28 प्रतिशत की भारी कटौती कर दी. जूली ने सरकार को सचेत करते हुए कहा कि पूंजीगत खर्च में इस तरह की कटौती से भविष्य की संपत्तियों का निर्माण पूरी तरह रुक जाता है, जिसका खामियाजा राजस्थान की जनता को लंबे समय तक भुगतना पड़ेगा.

संबंधित समाचार

महत्वपूर्ण खबरें

PoliTalks News - Authoritative News Portal