स्वप्ना बर्मन की जीवनी (Swapna Barman Biography in Hindi)
Swapna Barman Latest News - गोल्डन गर्ल स्वप्ना बर्मन तृणमूल कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा हैं. बर्मन भारत की प्रसिद्ध हेप्टाथलीट हैं, जिन्होंने अपनी शारीरिक बाधाओं और घोर आर्थिक तंगी के बावजूद अंतर्राष्टीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के एक बेहद ही निर्धन परिवार से आने वाली स्वप्ना के लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इसका परिणाम यह हुआ कि उन्होंने देश का नाम कई बार रौशन किया. उन्होंने 2018 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपनी पहचान बनाई बल्कि तिरंगे का भी शान बढ़ाया. 'गोल्डन गर्ल' के उपनाम से विख्यात स्वप्ना 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में राजगंज सीट से टीएमसी की सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार गई. इस लेख में हम आपको स्वप्ना बर्मन के जीवन परिचय (Swapna Barman Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
स्वप्ना बर्मन जन्म और परिवार (Swapna Barman Birth & Family)
स्वप्ना बर्मन का जन्म 29 अक्टूबर 1996 को पश्चिम बंगाल जलपाईगुड़ी के पास घोषपारा गांव में एक गरीब राजबोंगशी परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम पंचानन बर्मन है, जो एक रिक्शा चालक थे. वह चार भाई-बहन है. वह अभी अविवाहित हैं. उनपर 0 आपराधिक मुकदमा दर्ज है.
स्वप्ना बर्मन शिक्षा (Swapna Barman Education)
स्वप्ना बर्मन ने विद्यासागर विश्वविद्यालय से 2022 में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (मास्टर ऑफ आर्ट्स) किया है.
स्वप्ना बर्मन का प्रारंभिक जीवन (Swapna Barman early life)
स्वप्ना बर्मन पेशे से हेप्टाथलॉन खिलाड़ी है. उनका शुरूआती जीवन बहुत ही संघर्षभरा गुजरा है. एक ओर धन का अभाव और दूसरी ओर शरीर की विकलांगता. दरअसल उनके प्रत्येक पैर में छह उंगलियां है, जो उनके करियर में सबसे बड़ी बाधा थी. उनकी मां बसाना चाय बागान में काम करती थीं जबकि उनके पिता एक रिक्शा चालक थे. उनके जीवन में आर्थिक संकट तब और अधिक बढ़ गई जब वर्ष 2013 में उनके पिता स्ट्रोक के शिकार हो गए और फिर कमाना तो दूर की बात है, वे बिस्तर पर पड़ गए. घर में आयी विकट स्थिति के बाद चारो बच्चों का जीवन मुश्किल हो गया था. पिता का इलाज कराये या घर का खर्च चलाये, जबकि दोनों ही कामो के लिए पैसे नहीं थे. दूसरी ओर स्वप्ना बर्मन की छह उँगलियों के कारण उन्हें असहनीय दर्द का भी सामना करना पड़ रहा था क्योंकि उनके पास अतिरिक्त चौड़े रनिंग शूज़ खरीदने के पैसे नहीं थे. चूँकि स्वप्ना बर्मन उन दिनों कोलकाता में भारतीय खेल प्राधिकरण परिसर में प्रशिक्षण लिया करती थी इसलिए उन्हें अधिक अभ्यास की जरूरत थी. इस विकट परिस्थिति में स्वप्ना अपने पुरस्कार में मिले धन का उपयोग अपने परिवार की देखभाल के लिए करने लगी. चूँकि 2016 में उन्हें एथलेटिक्स में सफलता के सम्मान में 1,50,000 रूपये की छात्रवृत्ति मिली थी.
स्वप्ना बर्मन ने अपने गरीबी और संघर्ष के बीच आगे बढ़ना जारी रखा. बर्मन 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम स्पर्धा में महिला हेप्टाथलॉन के चौथे स्थान पर रहीं, हालांकि ऐसा इसलिए हुआ क्योकि जब वह लक्ष्य से मात्र 800 मीटर दूर थी तभी वह गिर गईं. लेकिन अगले वर्ष भाग्य ने उनका इतना साथ दिया जो कल्पना से भी परे थी. वर्ष 2018 के एशियाई खेलों में स्वप्ना बर्मन ने स्वर्ण पदक जीता, जो किसी चमत्कार से कम नहीं था. इसी के बाद उन्हें स्वर्ण पदक में मिले पुरस्कार के अलावे पश्चिम बंगाल सरकार से भी 10 लाख रूपये का बंपर पुरुस्कार मिल गया. इसके बाद उन्होंने 2021 फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में एक बार फिर से स्वर्ण पदक जीता. वर्ष 2022 में उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में हेप्टाथलॉन में भाग लिया. उन्होंने 1.83 मीटर की ऊंचाई के साथ ऊंची कूद खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर एक बार पुनः स्वर्ण पदक जीता. वह भाला फेंक और 100 मीटर बाधा दौड़ में भी प्रथम स्थान पर रहीं. उन्होंने हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता. इस तरह अपने खेल करियर में उन्होंने कई बार स्वर्ण पदक जीता.
स्वप्ना बर्मन राजनीतिक करियर (Swapna Barman Political Career)
गोल्डन गर्ल स्वप्ना बर्मन का राजनीतिक करियर 2026 से शुरू हुआ. बंगाल चुनाव से ठीक पहले 27 फरवरी 2026 को बर्मन ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गई. और फिर मार्च 2026 में पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राजगंज सीट से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का टिकट दिया. राजगंज विधानसभा राज्य के जलपाईगुड़ी जिले में पड़ती है जबकि यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. अगर लोकसभा की बात करे तो यह जलपाईगुड़ी लोकसभा का हिस्सा है. राज्य के इस विधानसभा सीट पर वाममोर्चा, कांग्रेस सहित टीएमसी तीनो का समान प्रभाव रहा है. इस चुनाव में स्वप्ना बर्मन का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दिनेश सरकार से था. दिनेश सरकार को 1,14,657 वोट मिले, जबकि स्वप्ना बर्मन को 93,180 वोट प्राप्त हुए इस तरह स्वप्ना बर्मन 21,477 वोटों के अंतर से चुनाव हार गईं.
स्वप्ना बर्मन संपत्ति (Swapna Barman Property)
2026 के विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार स्वप्ना बर्मन की कुल संपत्ति 1 करोड़, 16 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर 212 रुपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको स्वप्ना बर्मन जीवनी (Swapna Barman Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.













