लालजी वर्मा की जीवनी (Lalji Verma Biography in Hindi)
Lalji Verma Latest News - लालजी वर्मा उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के सांसद है. सत्तर के दशक में छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत करने वाले वर्मा एक बार एमएलसी तो 1991, 1996, 2002, 2007, 2017 और 2022 में कुल छ बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं. लोक दल से राजनीति में आने वाले वर्मा बीच के वर्षो में जनता दल और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में भी रहें जबकि अब वे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता हैं. उत्तर प्रदेश सरकार में वे अलग अलग कार्यकाल में मंत्री भी बन चुके हैं. 1997 में वे जहाँ कल्याण सिंह सरकार में राज्य मंत्री थे तो वही 2007 से 2012 तक वे तत्कालीन मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहें हैं. अब 18वीं लोकसभा में वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर राज्य के अंबेडकर नगर लोकसभा सीट से जीतकर पहली बार सांसद बने हैं. इस लेख में हम आपको लालजी वर्मा के जीवन परिचय (Lalji Verma Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
लालजी वर्मा जन्म और परिवार (Lalji Verma Birth & Family)
लालजी वर्मा (Lalji Verma) का जन्म 5 जनवरी 1955 को उत्तर प्रदेश के मोहिउद्दीनपुर गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री राम अधर वर्मा (Ram Adhar Verma) और माता का नाम श्रीमती द्रौपदी देवी (Drupati Devi) हैं.
उनका विवाह 1 दिसंबर 1977 को शोभावती वर्मा (Shobhawati Verma) से हुआ था. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी कृषि और दुग्ध उत्पादन के कार्यो में लगी है. उनकी तीन संतान थी. एक बेटा और दो बेटियां. बेटे का नाम विकास वर्मा और बेटियों के नाम आकांक्षा वर्मा और डॉ. छाया वर्मा हैं. उनके बेटे विकास वर्मा ने 14 मार्च 2018 को आत्महत्या कर ली.
लालजी वर्मा हिन्दू है, जबकि जाति से कुर्मी (OBC) हैं.
उनपर 2 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)
स्थायी पता : 7, मोहिउद्दीनपुर (डिहवा दौलतपुर), केदारनगर, अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश 224230
Mob. 9936890035, 9519652984
लालजी वर्मा की शिक्षा (Lalji Verma Education)
लालजी वर्मा ने 1979 में कुलभास्कर आश्रम कॉलेज, इलाहाबाद से कृषि विज्ञान में मास्टर ऑफ साइंस (एम.एस.सी.) दिया.
लालजी वर्मा राजनीतिक करियर (Lalji Verma Political Career)
लालजी वर्मा समाजवादी पार्टी (SP) से सांसद है. वर्मा की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत सत्तर के दशक के आरंभ में हुई. वर्मा ने छात्र राजनीति में भाग लेकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. वे 1973 में टांडा छात्र संघ के महासचिव बने. वे 1977 से 1978 तक इलाहाबाद के कुलभास्कर आश्रम डिग्री कॉलेज के महासचिव भी रहे. वे 7 जुलाई 1986 से 15 जनवरी 1991 तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे. इसके अलावा, वे 1991, 1996, 2002, 2007, 2017 और 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए.
पहली बार लालजी वर्मा 1991 में हुए उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जनता दल के टिकट पर टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. हालांकि उनका यह कार्यकाल संक्षिप्त रहा और 6 दिसंबर 1992 को विधानसभा भंग होने के साथ ही उनकी विधायकी भी चली गई. इसके बाद वे टांडा विधानसभा क्षेत्र से ही बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 1996, 2002 और 2007 में लगातार तीन बार जीतने में सफल रहें. इसके बाद वर्मा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर, तो वही 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर कटेहारी से जीत दर्ज की.
कटेहारी का विधायक रहते ही समाजवादी पार्टी ने 2024 के आम चुनाव में लालजी वर्मा को लोकसभा का टिकट दे दिया और उन्हें 'अंबेडकर नगर लोकसभा सीट' के लिए सपा-इंडी गठबंधन का उम्मीदवार बनाया. इस चुनाव में उनकी जीत हुई. हालांकि वर्मा का यह पहला लोकसभा चुनाव नहीं था. वे 2014 के लोकसभा चुनाव में श्रावस्ती से बसपा के उम्मीदवार थे, पर तब उनकी हार हुई थी. तब वे तीसरे स्थान पर रहे थे जबकि श्रावस्ती से भाजपा के दद्दन मिश्रा विजयी रहे थे, तो वही सपा दूसरे स्थान पर रहा. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अंबेडकर नगर सीट पर भाजपा के निवर्तमान सांसद रितेश पांडे को 1,37,247 मतों के अंतर से पराजित किया. जून 2024 में हुए 18वीं लोकसभा चुनाव में लालजी वर्मा को कुल 5,44,959 मत प्राप्त हुए तो वही उनके निटकतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार रितेश पांडे को 4,07,712 मत हासिल हुए. वही बसपा के क़मर हयात 1,99,499 मत के साथ तीसरे स्थान पर रहें.
उत्तर प्रदेश में छः बार विधायक चुने जाने वाले लालजी वर्मा राज्य में मंत्री भी रह चुके हैं. सितंबर 1997 से अक्टूबर 1997 तक वे उत्तर प्रदेश की कल्याण सिंह सरकार में जेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहें हैं. वही बाद में जब मायावती सत्ता में आयी तब उन्हें भी मंत्रिमंडल में जगह मिली और अक्टूबर 2002 से अगस्त 2003 तक वर्मा को चिकित्सा शिक्षा (एलोपैथी) मंत्री जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई. बाद में, मायावती की सरकार में ही उन्हें मई 2007 से मार्च 2012 तक राज्य का कैबिनेट मंत्री बनाया गया. मंत्री के तौर पर उनका यह पुरे पांच वर्ष का कार्यकाल रहा. इस अवधि में उनके पास संसदीय मामले, चिकित्सा शिक्षा और वित्त जैसे प्रमुख विभाग का जिम्मा था. राज्य की राजनीति से केंद्र की राजनीति में आने वाले लालजी वर्मा वर्तमान में, उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर लोकसभा से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं.
लालजी वर्मा की संपत्ति (Lalji Verma Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार लालजी वर्मा की कुल संपत्ति 11.02 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 98.85 लाख रूपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको लालजी वर्मा जीवनी (Lalji Verma Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












