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विशेष रिपोर्ट

यूपी में सीएम योगी को लग सकता है झटका: 35% विधायकों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा!

02 अगस्त 2026
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यूपी में सीएम योगी को लग सकता है झटका: 35% विधायकों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा!

सर्वे में बीजेपी को सीटों के नुकसान का दावा, बहुमत बरकरार रहने के बावजूद कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए एक सर्वे रिपोर्ट चिंता बढ़ाने वाली बताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव होते हैं तो भाजपा को बहुमत तो मिल सकता है, लेकिन पार्टी की सीटों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है. इसी के चलते आगामी चुनाव में करीब 35 प्रतिशत मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना जताई जा रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी को 190 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 202 सीटों का है. यानी पार्टी बहुमत के बेहद करीब या उसके आसपास रह सकती है, लेकिन 2022 के मुकाबले उसे 52 से 67 सीटों तक का नुकसान होने की आशंका व्यक्त की गई है.


पूर्वांचल में सबसे ज्यादा नाराजगी


बताया जा रहा है कि सर्वे में पूर्वांचल क्षेत्र के कई विधायकों के प्रति सबसे अधिक नाराजगी सामने आई है. पार्टी नेतृत्व इसी आधार पर टिकट वितरण में बड़े बदलाव पर विचार कर सकता है.


सर्वे में दो तरह की नाराजगी सामने आई

जानकारी के मुताबिक, राजनीतिक सर्वे करने वाली एक टीम ने अपनी रिपोर्ट BJP नेतृत्व को सौंपी है. इसमें जनता की नाराजगी को दो हिस्सों में बांटा गया है -

- केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष.

- स्थानीय विधायकों के कामकाज और सक्रियता को लेकर नाराजगी.

- इन मुद्दों पर लोगों ने जताई नाराजगी


UGC के नए नियम: दलित, पिछड़े और अन्य वंचित वर्ग के छात्रों ने शिकायत निवारण समिति से जुड़े प्रावधानों में बदलाव पर चिंता जताई, जबकि सामान्य वर्ग के कुछ लोगों ने इसे छात्रों की सुरक्षा से जोड़कर देखा.


राम मंदिर चढ़ावा चोरी: इस घटना के बाद अवध और पूर्वांचल में भाजपा समर्थकों के बीच नाराजगी की बात सामने आई. लोगों का मानना था कि ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था.


थाना-तहसील में सुनवाई: कई लोगों ने शिकायत की कि प्रशासनिक स्तर पर उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा.


भर्ती परीक्षाएं और पेपर लीक: सर्वे में कई परिवारों ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है.


E-20 एथेनॉल नीति: पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के फैसले को लेकर भी लोगों ने माइलेज और इंजन पर असर की चिंता जताई.


स्थानीय विधायकों के खिलाफ भी असंतोष: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई क्षेत्रों में विधायक जनता के बीच सक्रिय नहीं हैं. विकास कार्यों की कमी, स्थानीय स्तर पर संपर्क न रखने और ठेका, पट्टा व खनन जैसे विवादों से जुड़े आरोपों के कारण भी कई विधायकों की छवि प्रभावित हुई है.


2022 में भी बदले गए थे कई चेहरे


2022 विधानसभा चुनाव से पहले भी भाजपा ने दो एजेंसियों से सर्वे कराया था. रिपोर्ट के आधार पर पार्टी ने 120 से अधिक मौजूदा विधायकों के टिकट काटे थे और 165 सीटों पर नए उम्मीदवार उतारे थे. इसके बावजूद भाजपा की सीटें 2017 की 312 से घटकर 2022 में 255 रह गई थीं.


विधानसभा में मौजूदा स्थिति


वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 257 विधायक हैं. समाजवादी पार्टी 101 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. इसके अलावा अपना दल (एस) के 13, राष्ट्रीय लोकदल के 9, सुभासपा के 6, निषाद पार्टी के 5, तीन निर्दलीय, कांग्रेस और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2-2 तथा बसपा का 1 विधायक सदन में है.


हालांकि, इस सर्वे की आधिकारिक पुष्टि बीजेपी की ओर से नहीं की गई है. फिर भी सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि यदि इस कथित सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भाजपा टिकट वितरण में बदलाव करती है, तो किन मौजूदा विधायकों पर टिकट कटने की गाज गिरती है.

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