हनुमानगढ़: राजस्थान के सीमावर्ती जिलों हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के किसानों के हक में एक बड़ी मांग उठाई गई है. किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विशेष पत्र लिखकर क्षेत्र के किसानों को कृषि ट्यूबवेलों पर मिलने वाली बिजली की अवधि को 6 घंटे से बढ़ाकर 8 घंटे करने की पुरजोर वकालत की है. उन्होंने कहा कि सीमित बिजली आपूर्ति के कारण किसानों को अपनी फसलें बचाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए राज्य सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए.
पत्र में सिंचाई की बढ़ती लागत पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है. ढिल्लों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान समय में डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे किसानों के लिए वैकल्पिक साधनों से सिंचाई करना बेहद महंगा और घाटे का सौदा साबित हो रहा है. विशेष रूप से हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र में धान, नरमा, गन्ना, बाजरा, कपास और ज्वार जैसी प्रमुख फसलें उगाई जाती हैं, जिन्हें अधिक पानी की आवश्यकता होती है. पर्याप्त और निरंतर बिजली न मिलने के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे अन्नदाता को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने देश के अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई प्रांतों में किसानों को कृषि कार्य के लिए 8 घंटे या उससे भी अधिक बिजली दी जा रही है. ऐसे में राजस्थान के इन सीमावर्ती जिलों के किसानों के साथ भी न्याय होना चाहिए और उन्हें समान सुविधा मिलनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि यदि बिजली आपूर्ति को 8 घंटे कर दिया जाता है, तो इससे खेती की लागत कम होगी और सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी। सरकार को अन्नदाता के हित में जल्द से जल्द यह सकारात्मक और राहतकारी निर्णय लेना चाहिए.














