Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भजनलाल सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने ओटीएस चौराहे पर प्रस्तावित झूलते पुल के मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को लगाई गई फटकार का स्वागत किया. कांग्रेस नेता जूली ने कहा कि साल 2021-2022 के बजट में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने जयपुर की जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए इस ऐतिहासिक परियोजना की घोषणा की थी. लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश इस जनहितैषी काम को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की. कोर्ट के सख्त रुख और अधिकारियों को मिली फटकार से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस सरकार के विजन से ही इस पुल का निर्माण संभव हो पाएगा.
विकास कार्यों में राजनीति बंद करे सरकार, नियमों को ताक पर रखने की कोशिश नाकाम
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि इस पूरे मामले पर माननीय हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जेडीए और उसके अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अधिकारियों ने कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया और इस तरह कानूनी रूप से चल रहे कॉन्ट्रैक्ट्स को बदला नहीं जा सकता. टीकाराम जूली ने कड़े शब्दों में कहा कि कोर्ट का यह फैसला वर्तमान सरकार के मुंह पर तमाचा है, जो हर विकास कार्य में सिर्फ अपनी राजनीति चमकाना चाहती है. उन्होंने नसीहत दी कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में इस तरह की ओछी राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए.
जोधपुर के आऊ में सिलिकोसिस मरीज बेहाल, छह महीने से पेंशन बंद होने पर जताई चिंता
प्रदेश की स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने जोधपुर के आऊ क्षेत्र का गंभीर मामला उठाया. उन्होंने बताया कि आऊ में पिछले छह महीने से सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित मरीजों की पेंशन बंद पड़ी है, जिससे उनके सामने आजीविका और इलाज का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. आऊ उप जिला अस्पताल में सिलिकोसिस रोगियों की जांच के लिए फिजिशियन का पद स्वीकृत है और ऑनलाइन पोर्टल की आईडी भी बनी हुई है, लेकिन पिछले छह माह से यह महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़ा है. डॉक्टर न होने के कारण पीड़ित मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं और सरकार चैन की नींद सो रही है. उन्होंने इस पद को तुरंत भरने और मरीजों की रुकी पेंशन तत्काल जारी करने की मांग की.
गिग वर्कर्स एक्ट को लागू न करना युवाओं और श्रमिकों के साथ बड़ा धोखा
पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के वक्त देश में पहली बार जोमैटो, स्विगी, ओला, उबर आदि के डिलीवरी बॉयज (गिग वर्कर्स) के कल्याण और अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक 'गिग वर्कर्स एक्ट' कानून बनाया गया था. बेहद अफसोस की बात है कि वर्तमान सरकार इस कानून को लागू नहीं कर रही है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य और सामाजिक सुरक्षा अधर में लटक गई है. जूली ने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के लिए सामाजिक सुरक्षा बहुत मायने रखती है, इसलिए सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर जनकल्याणकारी योजनाओं को रोकना बंद करना चाहिए.













