Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टिकाराम जूली ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और बढ़ती महंगाई को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही, बल्कि हर तरफ अराजकता का माहौल है. जूली ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते टकराव को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे संवैधानिक मर्यादाएं कमजोर हो रही हैं.
विधायक-इंजीनियर विवाद को लेकर जूली ने भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी का जिक्र करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि एक दिन इंजीनियर्स पर विधायक से मारपीट के आरोप लगते हैं, तो दूसरे दिन इंजीनियर्स खुद आरोप लगाते हैं कि उनके साथ मारपीट हुई. इस विरोधाभास से साफ है कि प्रदेश का सिस्टम कमजोर पड़ चुका है. उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी बनाने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके.
जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे पद पर रहते हुए भी “एब्सेंट” नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पर सरकार का नियंत्रण खत्म हो गया है और जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है। उनके अनुसार प्रदेश में ऐसा माहौल है, जैसे कोई प्रभावी शासन ही नहीं चल रहा हो.
महंगाई के मुद्दे पर हमला बोलते हुए जूली ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ₹993 की बढ़ोतरी ने सरकार के जनविरोधी चेहरे को उजागर कर दिया है. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के बाद महंगाई बढ़ने की चेतावनी अब सच साबित हो रही है और सरकार ने चुनाव खत्म होते ही जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया.
उन्होंने आगे कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3,099 तक पहुंचना छोटे व्यापारियों और मेहनतकश वर्ग के लिए बड़ा झटका है। ठेला चलाने वाले, छोटे दुकानदार और अन्य लोग पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह वृद्धि उनकी कमर तोड़ने वाली है. जूली ने सवाल उठाया कि इतनी महंगाई में गरीब व्यक्ति अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेगा.
अंत में जूली ने भाजपा की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियां केवल बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही हैं, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है. उन्होंने सरकार से तत्काल राहत उपाय लागू करने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की.












