भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं. पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं. उन्होंने देश के मिडिल क्लास की आर्थिक परेशानियों और टैक्स व्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए पूछा कि भारी टैक्स देने के बावजूद आम आदमी को बदले में क्या हासिल हो रहा है?
पूनावाला का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान किया है. नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, संघ से जुड़े राम माधव और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई प्रमुख चेहरों को जगह मिली है. इसी राजनीतिक हलचल के बीच पूनावाला के इस्तीफे और उनके बयान ने पार्टी के भीतर और बाहर चर्चाओं को हवा दे दी है.
मिडिल क्लास की स्थिति पर उठाया सवाल
पूनावाला ने अपनी पोस्ट में मिडिल क्लास की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल किया. उन्होंने कहा कि देश का मध्यम वर्ग दिन-रात मेहनत करता है और ईमानदारी से टैक्स का भुगतान करता है, लेकिन इसके बदले उसे कई बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने खराब सड़कों, प्रदूषित हवा, गंदे पानी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर टैक्स देने वाले नागरिकों को उसके बदले पर्याप्त सुविधाएं क्यों नहीं मिलतीं.
पर्सनल इनकम टैक्स खत्म करने की मांग
पूनावाला ने इससे आगे बढ़ते हुए नौकरीपेशा मिडिल क्लास के लिए बड़ी मांग रखी. उनका कहना है कि जब तक सरकार नागरिकों को विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं होती, तब तक नौकरीपेशा मध्यम वर्ग पर लगने वाला पर्सनल इनकम टैक्स पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए. उनकी इस मांग ने टैक्स नीति, मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ और सरकार की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
30 जुलाई के इस्तीफे से 17 अगस्त तक क्या बदला?
शहजाद पूनावाला ने इससे पहले 30 जुलाई को बीजेपी से इस्तीफा देने का ऐलान किया था. हालांकि, उस समय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके फैसले को तत्काल स्वीकार नहीं किया और उन्हें अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था. पार्टी के आग्रह के बाद पूनावाला ने कुछ समय रुककर अपने फैसले पर विचार किया, लेकिन अंततः उन्होंने अपना रुख नहीं बदला. 17 अगस्त को उन्होंने आखिरकार बीजेपी को अलविदा कह दिया.
नई टीम के ऐलान के बीच पूनावाला का हमला
एक तरफ बीजेपी अपनी नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी और बड़े चेहरों को शामिल कर संगठन को नया स्वरूप देने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ पार्टी छोड़ते ही पूनावाला का मिडिल क्लास और टैक्स को लेकर सरकार पर सवाल उठाना राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
अब सवाल यह है कि बीजेपी से अलग होने के बाद शहजाद पूनावाला की राजनीतिक राह क्या होगी. क्या वे किसी नए राजनीतिक मंच का हिस्सा बनेंगे या फिलहाल सरकार की नीतियों पर मुखर होकर अपनी राजनीति को आगे बढ़ाएंगे? उनके ताजा बयान ने इस सवाल को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है.













