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‘हजार सिरों वाला जहरीला सांप है RSS’, कर्नाटक के मंत्री के बयान से सियासी घमासान

17 अगस्त 2026
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‘हजार सिरों वाला जहरीला सांप है RSS’, कर्नाटक के मंत्री के बयान से सियासी घमासान

BJP की ‘RSS पर बैन’ वाली चुनौती के बाद कांग्रेस का पलटवार, सिद्धारमैया और प्रियांक खड़गे ने संघ की विचारधारा और कानूनी पारदर्शिता पर उठाए सवाल

कर्नाटक की राजनीति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज होता नजर आ रहा है. बीजेपी की ओर से RSS पर प्रतिबंध लगाने की चुनौती दिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने संघ पर तीखे हमले किए हैं. इसी बीच कर्नाटक के मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया का एक बयान विवादों में आ गया है, जिसमें उन्होंने RSS को ‘हजार सिरों वाला जहरीला सांप’ करार दिया.

सिद्धारमैया ने RSS पर जातिवाद, सांप्रदायिकता और मनुवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी विचारधारा पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे समाज और देश को नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि मुद्दा सिर्फ RSS के अस्तित्व का नहीं, बल्कि इस बात का है कि संगठन किस कानूनी पहचान और किस कानूनी ढांचे के तहत काम करता है.

प्रियांक खड़गे ने उठाए RSS की पारदर्शिता पर सवाल

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी RSS की कानूनी स्थिति और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि संगठन किस कानूनी ढांचे के तहत काम करता है, उसकी संपत्तियों का स्वामित्व किसके पास है और उसके बैंक खाते किस नाम से संचालित होते हैं.

खड़गे ने RSS को मिलने वाले चंदे, ऑडिटेड खातों और वित्तीय खुलासों को लेकर भी सवाल उठाए. उनका तर्क है कि देश में प्रभाव रखने वाले किसी भी बड़े संगठन से उसके कामकाज और वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता की अपेक्षा स्वाभाविक है.

BJP की चुनौती के बाद बढ़ी बयानबाजी

दरअसल, यह सियासी विवाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के बयान के बाद और तेज हुआ. विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे खुलकर सामने आएं और RSS पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई करें.

बीजेपी की इस चुनौती के बाद कांग्रेस नेताओं के जवाबों ने विवाद को और धार दे दी है. अब कांग्रेस RSS की विचारधारा और कानूनी स्थिति पर सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए संघ को निशाना बनाने का आरोप लगा सकती है.

कर्नाटक में RSS पर सियासी आर-पार

RSS को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बढ़ती बयानबाजी ने कर्नाटक की राजनीति में एक नया मोर्चा खोल दिया है. एक तरफ कांग्रेस नेता संघ की विचारधारा, कानूनी पहचान और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी कांग्रेस को सीधे तौर पर RSS पर प्रतिबंध लगाने की चुनौती दे रही है.

फिलहाल, यतींद्र सिद्धारमैया के ‘हजार सिरों वाला जहरीला सांप’ वाले बयान ने इस राजनीतिक विवाद को और गर्म कर दिया है. अब नजर इस बात पर है कि RSS और बीजेपी की ओर से कांग्रेस नेताओं के इन आरोपों और विवादित टिप्पणी पर क्या पलटवार किया जाता है.

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