बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. आज घोषित हुए चुनाव के नतीजों में जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने 19246 वोटों से जीत हासिल की है. प्रशांत किशोर को 63946 वोट मिले हैं. दूसरे नंबर पर भाजपा के नीरज सिन्हा को 44700 वोट मिले हैं, जबकि राजद के उम्मीदवार को 14241 वोट मिले हैं. प्रशांत की जीत के बाद बिहार की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है. प्रशांत किशोर की जीत के बाद कई नेताओं के देशभर से बयान सामने आ रहे हैं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख व लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया. अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी. वहीं बिहार के मुख्यमंत्री ने सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनता ने जनसुराज को चुना है. मैं जनता के इस निर्णय का सम्मान करते हुए प्रशांत किशोर को उनकी जीत पर हार्दिक बधाई देता हूं.
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि वोट चोरी, पेपर चोरी, चढ़ावा-चंदा-दान चोरी, नौकरी चोरी, आरक्षण चोरी, कमीशनख़ोरी, पीडीए पर अत्याचार, घोर भ्रष्टाचार, महंगाई की मार, मिलावट के सरकारीकरण, माताओं-बेटियों तक का अपमान, देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है.
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अब तो भाजपा वाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफ़ा माँगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गये उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी. दरअसल ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्ज़ी की तरह थोपा था. अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं. सबसे ज़्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था. आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं. ‘5 बड़ा या 7’ वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाये तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे. ये डबल इंजन की डबल हार है.
अखिलश यादव ने आगे कहा कि भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत. भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी. अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेनेवाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा. सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई और नई उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए सजग-सचेत और संविधान के प्रति वचनबद्ध रहने की अपेक्षा. अंत में अखिलेश यादव ने विशेष रूप से कोष्ठक में लिखा- लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बँट रहे हैं.
Prashant Kishore I Akhilesh Yadav I Bankipur By Election I Jansuraj I Samajwadi Party I Bihar Politics I Political News I Big News I Politalks News I












