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'व्यक्ति कैद हो सकता है, विचार नहीं'- नवीन पायल की गिरफ्तारी पर भड़के टीकाराम जूली

22 जून 2026
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'व्यक्ति कैद हो सकता है, विचार नहीं'- नवीन पायल की गिरफ्तारी पर भड़के टीकाराम जूली

 'झुंझुनूं पुलिस की कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला'—नवीन पायल की गिरफ्तारी को टीकाराम जूली ने बताया दमनकारी, दी चेतावनी

राजस्थान की सियासत से जुडी बड़ी खबर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर साधा निशाना, झुंझुनूं पुलिस द्वारा नवीन पायल की गिरफ्तारी और उनका मोबाइल जब्त किए जाने पर टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार और आरएसएस (RSS) के खिलाफ खोला मोर्चा, कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने इस पूरी कार्रवाई को शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए कहा- RSS की विचारधारा हमेशा से समाज में नफ़रत, विभाजन और वैचारिक असहिष्णुता फैलाने की रही है, जो लोग सच बोलते हैं, सवाल पूछते हैं और सत्ता के सामने आईना दिखाते हैं, उन्हें डराने और चुप कराने का प्रयास कोई नई बात नहीं है, झुंझुनूं पुलिस द्वारा श्री नवीन पायल की गिरफ्तारी एवं उनका मोबाइल जब्त किया जाना बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है,  यह कार्रवाई कानून के राज की नहीं, बल्कि सत्ता के दबाव में काम कर रहे तंत्र की तस्वीर पेश करती है, यदि किसी संगठन, विचारधारा या सरकार की आलोचना करना अपराध माना जाएगा, तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि दमनकारी शासन का प्रतीक है, युवाओं की आवाज़ को कुचलना, असहमति को अपराध बनाना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करना संविधान की मूल भावना का अपमान है, सरकार और प्रशासन यह भ्रम पालना छोड़ दें कि गिरफ्तारी और जब्ती से को सच दब जाएगा, इतिहास गवाह है कि सत्ता के बल पर आवाज़ों को दबाने की कोशिशें हमेशा असफल हुई हैं,  व्यक्ति को कैद किया जा सकता है, लेकिन उनके विचारों को नहीं; मोबाइल जब्त किए जा सकते हैं, लेकिन जनआक्रोश और सच को नहीं, सरकार मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर नवीन पायल को बिना शर्त रिहा करे, लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है,  जो सरकार सवालों से डरती है, वह जनता का विश्वास खो चुकी है


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