सरिता सिंह की जीवनी | Sarita Singh Biography in Hindi

sarita singh biography in hindi
23 Jan 2026
Sarita Singh Latest News – सरिता सिंह आम आदमी पार्टी की नेत्री है. सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले 'भ्रष्ट्राचार विरोधी आंदोलन -जन लोकपाल आंदोलन' के दौरान एक सक्रिय स्वयंसेवक के रूप में की थी. बाद में, उन्हें आप के टिकट पर 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में रोहतास नगर से जीत हासिल हुई थी. उन्होंने बी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेंद्र कुमार को हराया था. सरिता सिंह युवाओ के बीच आम आदमी पार्टी की विचारधारे को पहुंचाने के लिए अधिक जानी जाती है. वह महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विरोधी पार्टियां, भाजपा और कांग्रेस को घेरती रही है, और प्रायः उनपर महिला विरोधी होने का आरोप लगाती रही है. वर्तमान में, सरिता सिंह आम आदमी पार्टी की 'छात्र युवा संघर्ष समिति' (सीवाईएसएस) की अध्यक्ष हैं. इस लेख में हम आपको सरिता सिंह  की जीवनी (Sarita Singh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

सरिता सिंह की जीवनी (Sarita Singh Biography in Hindi)

पूरा नाम सरिता सिंह
उम्र 45 साल
जन्म तारीख 8 जून 1981
जन्म स्थान दिल्ली
शिक्षा एमए
कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय
वर्तमान पद दिल्ली के रोहतास नगर से आम आदमी पार्टी उम्मीदवार
व्यवसाय राजनीतिज्ञ, व्यापार
राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पिता का नाम अवधेश कुमार सिंह
माता का नाम -
पति का नाम -
बच्चे -
बेटें का नाम -
बेटी का नाम -
स्थाई पता दिल्ली
वर्तमान पता दिल्ली
फोन नंबर -
ईमेल -

सरिता सिंह का जन्म और परिवार (Sarita Singh Birth & Family)

सरिता सिंह का जन्म 8 जून 1981 को दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम अवधेश कुमार सिंह है. सरिता सिंह दिल्ली के राम नगर की निवासी हैं. दिल्ली का राम नगर रोहतास नगर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है. धर्म से वह हिन्दू है.सरिता सिंह पर एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है.

सरिता सिंह की शिक्षा (Sarita Singh Education)

सरिता सिंह ने 2013 में छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से मनोविज्ञान (कला) में स्नातकोत्तर किया था.

सरिता सिंह का राजनीतिक करियर (Sarita Singh Political Career)

दिल्ली के राम नगर की निवासी सरिता सिंह मूल रूप से पूर्वांचली हैं, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के जिले को मिलाकर बनाया गया एक खंड है. पूर्वांचल में दो राज्य, उत्तर प्रदेश और बिहार शामिल है. इन क्षेत्रो में बसे लोगो की बोलचाल (क्षेत्रीय भाषा) कुछ हद तक मिलती-जुलती है, दोनों क्षेत्रो में बसे लोगो के परिवार के बीच शादी-ब्याह जैसे कार्य होते है और इसी कारण दो राज्य होने के बावजूद इन्हे एक समूह के तौर पर जाना जाता है. दिल्ली का राम नगर इलाका, रोहतास नगर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, और यही से सरिता सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी. हालांकि इससे पहले वह छात्र नेत्री रह चुकी है. आम आदमी पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद सरिता सिंह इसमें शामिल हो गई. अरविंद केजरीवाल की आरंभिक नीति पूर्वांचल के वोट को साधना था और माना जाता है कि केजरीवाल की सफलता में उनकी यह नीति कारगर साबित हुई, क्योकि दिल्ली में पूर्वाचंल की एक बड़ी आबादी रहती है. इसी कारण उन्होंने ज्यादातर पूर्वांचली को टिकट दिया. 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सरिता सिंह को आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के रोहतास नगर विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया. दिल्ली की क्षेत्रीय राजनीति में वह दौर अरविंद केजरीवाल के लिए स्वर्ण काल था और उनके सामने स्वयं उनकी पार्टी भी छोटी पड़ गई थी, लोग केजरीवाल के नाम से इतने प्रभावित थे कि उनकी पार्टी के नए उम्मीदवार भी भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार पर भी भारी पड़ रहे थे. परिणाम यह हुआ सरिता सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र महाजन को बड़ी आसानी से पराजित कर दी. वह महाजन को 7,874 वोटों के अंतर से पराजित करके रोहतास नगर से जीत दर्ज करने में सफल रही. सरिता सिंह को कुल 62,209 वोट प्राप्त हुए थे. उस समय वह आम आदमी पार्टी की छह महिला विधायकों में से एक थीं. इससे पहले इस सीट से भाजपा नेता जितेंद्र महाजन विधायक थे और उन्होंने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के मुकेश हुड्डा को पराजित किया था. सरिता सिंह को आम आदमी पार्टी ने 2020 और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी इसी सीट से टिकट दिया था, पर दोनों ही बार उन्हें भाजपा नेता जितेंद्र कुमार से पराजय का सामना करना पड़ा. सरिता सिंह विवादों से घिरी रही है. उन्होंने कथित तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान आरोप लगाया था कि जब वह घर जा रही थी तब उत्तर पूर्वी दिल्ली में अज्ञात बदमाशों के एक समूह ने रात में उनके कार पर हमला किया और लोहे की छड़ों, लकड़ी के डंडों से उसे क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके बाद सरिता सिंह इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार भी किया. बाद में, सरिता पर दिल्ली पुलिस के द्वारा दिल्ली की एक अदालत में केस दर्ज किया गया जो कई वर्षो तक चला.

सरिता सिंह की संपत्ति (Sarita Singh Net Worth)

2025 के विधानसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार सरिता सिंह की कुल संपत्ति 7.95 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर 2 लाख रूपये का कर्ज भी है. इस लेख में हमने आपको सरिता सिंह  की जीवनी (Sarita Singh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.