फिर शुरू हुई सियासी खींचतान, एक ही कार्यक्रम अलग अलग पहुंचे गहलोत-पायलट ने बोला केंद्र पर हमला

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23 Dec 2022
Ashok Gehlot & Sachin Pilot in Kisan Sabha. राजस्थान में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस के नेताओं द्वारा दर्शाई गई दिखावे की एकता की पोल यात्रा के राजस्थान से निकलते ही खुलती नजर आ रही है और दिग्गजों के बीच की खींचतान फिर साफ दिखाई देने लगी है. इसकी शुरुआत बीते रोज पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान पंजाब प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर बड़ा आरोप लगाकर की, तो वहीं राहुल की यात्रा के दौरान लगभग हर समय साथ चलते, साथ नाचते दिखे सीएम गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भी फिर से दूरी बना ली है. यही वहज है कि शुक्रवार को भरतपुर में आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज किसान नेता चौधरी चरण सिंह की 120वीं जयंती पर आयोजित समारोह में दोनों नेताओं ने अलग अलग समय पर शिरकत की. https://youtu.be/1V0IA43v884 आपको बता दें कि राष्ट्रीय लोकदल की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर भरतपुर में आयोजित विशाल किसान सभा के एक ही मंच पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट अलग-अलग समय पर पहुंचे. हालांकि दोनों नेताओं ने अपने भाषण में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जांच एजेंसियों पर दबाव बनाकर रखती है. यही वजह है कि केंद्र की जांच एजेंसियां सरकार के दबाव में काम कर रही हैं. मुख्यमंत्री गहलोत ने अपनी फ्लैगशिप योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि भरतपुर में अधिकतर स्थानों पर चंबल का पानी पहुंच गया है. कुछ जगह बची हैं, जहां पर जल्द ही चंबल का पानी उपलब्ध हो जाएगा. साथ ही सीएम गहलोत ने राहुल गांधी को भेजे गए कोविड गाइडलाइन के पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि हमने गाइडलाइन की पालना के सभी इंतजाम किए थे. यह भी पढ़ें: यूपी में योगी के सियासी नहले पर गहलोत का राजस्थान में चुनावी जीत का दहला, इस दांव से होगी BJP चित्त इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए कहा कि आज अगर चौधरी चरण सिंह हमारे बीच होते तो बहुत खुश होते. क्योंकि राजस्थान में पहली बार कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए अलग से बजट घोषणा की गई है. इस दौरान सीएम गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन काले कृषि कानूनों की याद दिलाते हुए कहा कि देश के किसानों की एकजुटता के सामने केंद्र की सरकार को झुकना पड़ा था. आपको बता दें कि चौधरी चरण सिंह को किसानों का सबसे बड़ा मसीहा माना जाता है. बता दें कि सीएम गहलोत के किसान सभा से रवाना होने के करीब 15 मिनट बाद दोपहर सचिन पायलट का मंच पर आगमन हुआ. जहां पायलट के मंच पर पहुंचते ही आरएलडी के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. यह भी पढ़ें: पायलट को बनाएं मुख्यमंत्री अन्यथा कांग्रेस को उठाना पड़ेगा खामियाजा- लोकसभा में बसपा सांसद ने उठाई मांग इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने देश के किसान वर्ग के लिए संघर्ष किया. यह वर्ग ऐसा है, जिसके लिए पहले भी संघर्ष किया गया. आज भी संघर्ष की जरूरत है और भविष्य में भी संघर्ष करना पड़ेगा. इसके लिए सभी को एकजुट होने की जरूरत है. वहीं पायलट ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र के सरकार तीन काले कृषि कानून लेकर आई. किसानों ने करीब सवा साल तक घेराबंदी की और आखिर में केंद्र सरकार को किसानों से सिर झुका कर माफी मांगनी पड़ी. ये ताकत है देश के किसान की एकजुटता की. भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र की सरकार ने देश के संसाधनों को बेचने का काम किया. ऐसी सरकार को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा